नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल तेज होती दिख रही है. राज्य के वर्तमान राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन इस कदम ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बढ़ा दिया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस इस्तीफे पर अपनी हैरानी जताई है.
2022 में हुई थी नियुक्ति
सीवी आनंद बोस को 2022 में पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था, जगदीप धनखड़ के बाद यह जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी. लगभग साढ़े तीन साल के कार्यकाल के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा भेजा, जो दिल्ली में स्वीकार किए जाने की प्रक्रिया में है. इस इस्तीफे को राज्य की राजनीति और आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है.
लद्दाख के एलजी कविंद्र गुप्ता का भी इस्तीफा
पश्चिम बंगाल के अलावा लद्दाख में भी राजनीतिक बदलाव हुआ है. लेफ्टिनेंट गवर्नर कविंद्र गुप्ता ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. वह लद्दाख में केवल नौ महीने तक रहे. केंद्रीय सूत्रों के अनुसार, इस्तीफे के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हुआ है. गुप्ता ने इस साल की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर के डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर पद से लद्दाख का एलजी का पद संभाला था.
चुनावी माहौल में इस्तीफा
विशेष रूप से यह इस्तीफा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से कुछ ही सप्ताह पहले आया है. राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) लगातार चौथी बार सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रही है, जबकि भाजपा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने के प्रयास में जुटी है. ऐसे में राज्यपाल के इस्तीफे ने राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है.
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