US Military Budget: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साल 2027 के लिए अमेरिकी सैन्य बजट में अभूतपूर्व बढ़ोतरी की घोषणा की है. उन्होंने यह फैसला करते हुए कहा कि अमेरिका को अपनी सैन्य शक्ति को मजबूत करने के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर से बढ़ाकर 1.5 ट्रिलियन डॉलर का बजट निर्धारित करना चाहिए. ट्रंप का कहना है कि यह बढ़ोतरी जरूरी है, ताकि अमेरिका अपनी सैन्य शक्ति को इतना सशक्त बना सके कि वह किसी भी वैश्विक खतरे का सामना कर सके और अपनी सीमाओं को सुरक्षित रख सके.
रक्षा बजट बढ़ाने का मकसद
ट्रंप ने अपने इस फैसले को "ड्रीम मिलिट्री" के निर्माण की दिशा में अहम कदम बताया. उनके अनुसार, दुनिया के बदलते वैश्विक हालात और सुरक्षा चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं. उन्होंने Truth Social प्लेटफॉर्म पर लिखा कि अमेरिका की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस बजट बढ़ोतरी की आवश्यकता है. इसके लिए, ट्रंप ने वरिष्ठ नेताओं, मंत्रीगण और अधिकारियों के साथ लंबी चर्चा करने के बाद यह निर्णय लिया.
टैरिफ से मिली कमाई का इस्तेमाल
ट्रंप ने सैन्य बजट बढ़ाने की वजह को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह बढ़ोतरी टैरिफ से होने वाली आय से संभव हुई है. उनके मुताबिक, यदि अन्य देशों पर लगाए गए टैरिफ से इतनी बड़ी राशि नहीं मिलती, तो यह बढ़ोतरी संभव नहीं होती. उन्होंने यह भी कहा कि यह अतिरिक्त राशि सैन्य बल को मजबूत करने, राष्ट्रीय कर्ज को कम करने, और अमेरिकी नागरिकों को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए इस्तेमाल की जाएगी.
अमेरिका का बढ़ता रक्षा बजट
पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका का रक्षा बजट लगातार बढ़ा है. 2021 में अमेरिका का सैन्य खर्च 721 अरब डॉलर था, जो 2025 में बढ़कर 901 अरब डॉलर हो गया. अब 2027 के लिए यह बजट 1.5 ट्रिलियन डॉलर के प्रस्ताव के साथ और अधिक बढ़ने वाला है. इस वृद्धि की घोषणा ऐसे समय पर की गई है जब अमेरिका ने वैश्विक स्तर पर अपनी सैन्य गतिविधियों को बढ़ा दिया है, और इसकी आवश्यकता भी महसूस की जा रही है.
वैश्विक तनाव और अमेरिका की सैन्य बढ़ोतरी
ट्रंप द्वारा सैन्य बजट बढ़ाने की घोषणा उस समय हुई है, जब रूस और वेनेजुएला के साथ अमेरिका के संबंध तनावपूर्ण हो चुके हैं. हाल ही में, अमेरिका ने उत्तरी अटलांटिक में रूस के एक तेल टैंकर को जब्त किया था, जिस पर रूस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और इसे "समुद्री डकैती" करार दिया था. इसके अलावा, ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला में एक हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन भी चलाया, जिसके तहत राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क लाया गया. मादुरो पर ड्रग तस्करी से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए थे.
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