दिल्ली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 47 लाख से ज्यादा नाम गायब, ऐसे दोबारा जुड़वाएं नाम

Delhi Draft Voter List: दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल यानी प्रारंभिक वोटर लिस्ट सोमवार को जारी कर दी गई. इस लिस्ट में करीब 97.5 लाख वोटर्स के नाम शामिल हैं. वहीं, दिल्ली के कुल 1.45 करोड़ वोटर्स में से करीब 47.7 लाख नाम इस ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं हैं.

Delhi draft voter list released over 47 lakh names missing get your name added again
Image Source: ANI/ File

Delhi Draft Voter List: दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल यानी प्रारंभिक वोटर लिस्ट सोमवार को जारी कर दी गई. इस लिस्ट में करीब 97.5 लाख वोटर्स के नाम शामिल हैं. वहीं, दिल्ली के कुल 1.45 करोड़ वोटर्स में से करीब 47.7 लाख नाम इस ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं हैं.

दिल्ली के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर के मुताबिक, जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं आया है, वे अपना नाम दोबारा शामिल कराने के लिए दावा कर सकते हैं. इसके लिए 30 सितंबर तक फॉर्म 6 और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे. इसके बाद दावों और आपत्तियों की जांच की जाएगी. दिल्ली की फाइनल वोटर लिस्ट 4 नवंबर को जारी की जाएगी.

29 अक्टूबर तक चलेगा दावा और आपत्ति का काम

इलेक्शन कमीशन के संशोधित शेड्यूल के अनुसार, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद नाम जोड़ने और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इस दौरान मिले दावों और आपत्तियों की जांच की जाएगी. नोटिस जारी करने और उनके निपटारे का काम 29 अक्टूबर तक पूरा किया जाएगा.

SIR के तहत दिल्ली में घर-घर जाकर वोटर्स की जानकारी जुटाई गई थी. यह प्रक्रिया 30 जून को शुरू हुई थी और 17 अगस्त को पूरी हुई. इस दौरान मिले एन्यूमरेशन फॉर्म को डिजिटाइज किया गया और उसी आधार पर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट तैयार की गई.

47.7 लाख वोटर्स ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर

दिल्ली में कुल 1,45,10,299 वोटर्स थे. इनमें से करीब 67.18 फीसदी वोटर्स के एन्यूमरेशन फॉर्म मिले और उन्हें डिजिटाइज किया गया. बाकी करीब 47.7 लाख वोटर्स के फॉर्म नहीं मिल सके. इन वोटर्स को एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड, डुप्लीकेट और अन्य यानी ASDDO कैटेगरी में रखा गया है. इसी वजह से इनके नाम ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में शामिल नहीं किए गए हैं.

रोहिणी में सबसे ज्यादा डिजिटाइजेशन

दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में वोटर्स के फॉर्म डिजिटाइज करने का आंकड़ा अलग-अलग रहा. रोहिणी विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 83.43 फीसदी वोटर्स का डेटा डिजिटाइज किया गया. वहीं, तुगलकाबाद में यह आंकड़ा सबसे कम 52.15 फीसदी रहा.

SIR का मकसद घर-घर जाकर वोटर्स की जानकारी की जांच करना और अपडेटेड वोटर लिस्ट तैयार करना है. जिन लोगों के फॉर्म इस प्रक्रिया के दौरान जमा नहीं हो सके हैं, उन्हें अब दावा और आपत्ति की प्रक्रिया के जरिए अपना नाम वोटर लिस्ट में शामिल कराने का मौका दिया गया है.

ये भी पढ़ें- दिल्ली में LPG सिलेंडर में जोरदार ब्लास्ट, पति-पत्नी गंभीर रूप से झुलसे; इलाके में मची अफरा-तफरी