Amit Shah On Red Fort Blast: गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में आतंकवाद विरोधी सम्मेलन में एक महत्वपूर्ण बयान दिया, जिसमें उन्होंने देश में आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ केंद्र सरकार की ठोस रणनीतियों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की. अमित शाह ने कहा कि हाल ही में लाल किले के बाहर हुए धमाके में 40 किलोग्राम विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था.
उन्होंने इसे केवल एक साधारण पुलिसिंग मामला नहीं बताया, बल्कि इसे उच्चस्तरीय और पुख्ता जांच का उदाहरण बताया. शाह ने जोर देकर कहा कि देश में आतंकवाद और संगठित अपराध से निपटने के लिए एक व्यापक और सुदृढ़ कार्य योजना की आवश्यकता है, जिसे सभी राज्यों में जल्द लागू किया जाना चाहिए.
Union Home Minister Amit Shah said that the Jammu and Kashmir Police conducted an excellent investigation into the explosion that occurred in Delhi. Union HM said 3 tonnes of explosives were recovered before it could be used, and the entire team involved in conspiring this plot…
— ANI (@ANI) December 26, 2025
दिल्ली विस्फोट की जांच और सफलता
अमित शाह ने विशेष रूप से दिल्ली में हुए विस्फोट की जांच की सराहना की. उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस मामले में बेहद कुशलता और गंभीरता के साथ जांच की. उन्होंने कहा कि विस्फोट के समय 40 किलोग्राम विस्फोटक का उपयोग किया गया था, लेकिन इससे पहले ही सुरक्षा बलों ने 3 टन विस्फोटक बरामद कर लिया था. इससे यह साफ हो गया कि हमारी खुफिया एजेंसियों और पुलिस बलों ने खतरे का समय रहते सामना किया. इस साजिश में शामिल पूरी टीम को विस्फोट होने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया. गृह मंत्री ने इसे आतंकवाद विरोधी तंत्र की ताकत और दक्षता का उदाहरण बताया.
अमित शाह ने आगे कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत और अभेद्य आतंकवाद-विरोधी ढांचा तैयार करना जरूरी है. उनका कहना था कि यह ढांचा किसी भी आतंकवादी या आपराधिक साजिश का डटकर सामना करने में सक्षम होना चाहिए. इसके लिए सभी राज्यों के डीजीपी को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने प्रदेशों में समान एटीएस (Antiterrorism Squad) संरचना को जल्द से जल्द लागू करें. यह कदम पूरे देश में आतंकवाद विरोधी तैयारी और संगठित अपराध की रोकथाम को और अधिक प्रभावी बनाएगा.
बैसरन घाटी और ऑपरेशन का जिक्र
गृह मंत्री ने अपने भाषण में बैसरन घाटी में हुए हमले का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इस हमले का उद्देश्य देश में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ना और कश्मीर में जारी विकास तथा पर्यटन के नए दौर को रोकना था. उन्होंने बताया कि हमारी सेनाओं और सुरक्षा बलों ने बेहद सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर इस हमले की योजना बनाने वाले तीन आतंकवादियों को मार गिराया. इस कार्रवाई से पाकिस्तान को एक स्पष्ट संदेश भी दिया गया कि भारत आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ किसी भी हाल में ढिलाई नहीं बरतेगा.
अमित शाह ने इस मौके पर ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकवादी हमले की योजना बनाने वालों को निशाना बनाया गया, जबकि ऑपरेशन महादेव के माध्यम से उन लोगों को समाप्त किया गया जिन्होंने हथियार और संसाधन मुहैया कराए. गृह मंत्री ने इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की सशक्त और निर्णायक कार्रवाई का उदाहरण बताया.
संगठित अपराध और सुरक्षा रणनीति
अमित शाह ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि केवल आतंकवाद ही नहीं, बल्कि संगठित अपराध पर भी केंद्र सरकार और राज्य सरकारें मिलकर कठोर कार्रवाई कर रही हैं. उन्होंने कहा कि सभी राज्यों के डीजीपी को निर्देशित किया गया है कि वे अत्यंत आवश्यक एटीएस संरचना को अपने-अपने प्रदेशों में जल्द लागू करें, ताकि देशभर में अपराध और आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके. उनका कहना था कि यह कदम केवल मौजूदा खतरों को रोकने के लिए ही नहीं, बल्कि भविष्य में किसी भी संकट से निपटने के लिए भी अहम है.
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