DUSU Elections: दिल्ली विश्वविद्यालय एक बार फिर छात्र राजनीति के सबसे बड़े लोकतांत्रिक पर्व के लिए तैयार है. 19 सितंबर को होने वाले इस चुनाव में छात्र सिर्फ अपने प्रतिनिधि नहीं चुनेंगे, बल्कि भविष्य की सोच और दिशा तय करेंगे.
इस बार डूसू चुनाव कई मायनों में खास है. पहली बार 2.75 लाख से ज्यादा छात्र वोटिंग में भाग लेंगे, जो कि चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम लागू होने के बाद संभव हुआ है. इसके अलावा कॉलेज काउंसलरों के साथ-साथ सेंट्रल पैनल के चार बड़े पदों के लिए भी चुनाव होगा.
कैसे और कहां होगा मतदान?
डीयू के 52 कॉलेजों और केंद्रों में वोटिंग दो पालियों में होगी:
सेंट्रल पैनल (President, VP, Secretary, Joint Secretary) के लिए EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) से मतदान होगा. जबकि कॉलेज स्तर के काउंसलरों के लिए पारंपरिक बैलेट पेपर का उपयोग किया जाएगा.
चुनाव की तैयारियां जोरों पर
EVM के लिए 195 बूथ, और बैलेट पेपर के लिए 780 बूथ तैयार किए गए हैं. कुल 700 EVM इस्तेमाल की जाएंगी, जिन्हें कॉलेजों में छात्र संख्या के आधार पर भेजा गया है. दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष बूथ और छात्राओं के लिए कुछ कॉलेजों में "पिंक बूथ" की व्यवस्था की गई है.
मतदान के लिए क्या चाहिए?
कॉलेज का वैध ID कार्ड. इसके अलावा प्रथम वर्ष के छात्र जिनके पास ID नहीं है, वे फीस रसीद और कोई अन्य पहचान पत्र (आधार, पैन कार्ड, वोटर ID या ड्राइविंग लाइसेंस) दिखाकर वोट डाल सकते हैं.
कक्षाएं रहेंगी स्थगित, प्रशासन ने की अपील
सभी कॉलेजों ने चुनाव के दिन कक्षाएं स्थगित करने की अधिसूचना जारी कर दी है. कॉलेज प्राचार्य और वरिष्ठ प्रोफेसर छात्रों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने की अपील कर रहे हैं. चुनाव आयोग और DU का प्रॉक्टर ऑफिस पूरे चुनाव पर कड़ी निगरानी रखेगा.
कहां और कब होगी मतगणना?
मतदान के बाद सभी EVM को सील कर चुनाव आयोग को सौंपा जाएगा. वहीं, मतगणना 19 सितंबर, सुबह 9 बजे से कन्वेंशन सेंटर में होगी. CCTV की निगरानी में मतगणना होगी और शाम तक नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे.
कौन-कौन हैं चुनावी मैदान में?
अध्यक्ष पद के उम्मीदवार:
उपाध्यक्ष पद के लिए:
सचिव पद के लिए:
क्या दांव पर है?
डूसू सिर्फ छात्र राजनीति का मंच नहीं, बल्कि देश के भविष्य नेताओं की प्रयोगशाला है. कई राष्ट्रीय नेता यहीं से राजनीति की शुरुआत कर चुके हैं. ऐसे में यह चुनाव केवल चार पदों का नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज़, आकांक्षाओं और प्रतिनिधित्व का चुनाव है.
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