Israel Gaza War: गाजा सिटी में इन दिनों जो कुछ हो रहा है, वो केवल एक सैन्य अभियान नहीं, बल्कि इंसानियत पर लग रहा गहरा घाव है. इजरायली सेना की भारी बमबारी और टैंकों की गूंज ने शहर की रफ्तार थाम दी है. धूल, मलबा और खून से सना गाजा, आज चीख रहा है. शहर के ऊपर मंडराते लड़ाकू विमान और ज़मीन पर बढ़ती टैंकों की कतारें इस बात का संकेत हैं कि यह सिर्फ लड़ाई नहीं, बल्कि अस्तित्व की जंग बन चुकी है.
इजरायली सेना ने गाजा सिटी में हाल के दिनों में 150 से अधिक हवाई और जमीनी हमले किए हैं. ताजा जानकारी के मुताबिक, मंगलवार से सेना ने शहर के भीतरी इलाकों में ज़मीनी कार्रवाई शुरू की है, जिसके चलते हमास और इजरायली सैनिकों के बीच तीव्र लड़ाई चल रही है.
इन हमलों में अब तक 65,000 से अधिक फलस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं. मंगलवार को ही 63 फलस्तीनी मारे गए, और शहर के रानतीसी बाल अस्पताल पर हमले ने स्थिति और भयावह बना दी.
अस्पताल बना युद्ध का मैदान, मरीज फंसे
रानतीसी अस्पताल पर हुए हमले में इमारत को भारी नुकसान हुआ है. अस्पताल में भर्ती लगभग 80 मरीजों में से आधे जान बचाकर भाग निकले, लेकिन 40 मरीज, उनके परिजन और 30 मेडिकल स्टाफ वहीं फंसे हुए हैं.
लाखों लोगों का पलायन, शहर वीरान
कभी करीब दस लाख लोगों से भरा गाजा सिटी, अब खाली हो रहा है. अब तक साढ़े तीन लाख लोग अपने घर छोड़कर जा चुके हैं, लेकिन छह लाख से अधिक लोग अब भी शहर में फंसे हुए हैं. हर पल उनके लिए मौत का खतरा मंडरा रहा है.
दुनियाभर से विरोध, पर राहत नहीं
संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और इस्लामी देशों ने इजरायल की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है. यूरोपीय यूनियन ने संकेत दिया है कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो इजरायल पर सख्त प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. सऊदी अरब और कतर ने इसे सीधे तौर पर "जनसंहार" की संज्ञा दी है. वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने चेताया है कि गाजा सिटी में भारी रक्तपात की आशंका है.
यमन पर भी हमला, तनाव का दायरा बढ़ा
इजरायली हमलों का असर सिर्फ गाजा तक सीमित नहीं है. मंगलवार रात इजरायल ने यमन के होदेदा बंदरगाह पर भी हवाई हमला किया. यह हमला हूती संगठन की सैन्य संरचनाओं पर केंद्रित था, जो इजरायल का विरोध करने के लिए ईरान से हथियार खरीदता है.
संस्कृति भी चपेट में, प्राचीन ईसाई धरोहरें सुरक्षित निकाली गईं
इस संकट के बीच एक राहत की खबर यह है कि गाजा में मौजूद चौथी सदी की बाइजेंटाइन धरोहरों को एक अंतरराष्ट्रीय संस्था की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया है. ये वस्तुएं न केवल गाजा की ऐतिहासिक विरासत हैं, बल्कि पूरे ईसाई समुदाय के लिए भी गहरे भावनात्मक और धार्मिक महत्व की हैं.
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