ब्रिटेन में इस पाकिस्तानी शख्स के खिलाफ बड़ा एक्शन, डिपोर्ट की तैयारी शुरु, जानें पूरा मामला

Britain Grooming Gang: ब्रिटेन में नए प्रधानमंत्री बनने की रेस में आगे बताए जा रहे एंडी बर्नहैम ने कुख्यात “ग्रूमिंग गैंग” मामले पर सख्त रुख दिखाया है. उन्होंने संकेत दिए हैं कि इस मामले से जुड़े दोषियों को पाकिस्तान डिपोर्ट करने पर विचार किया जा सकता है.

Crackdown on grooming gang cases in Britain Andy Burnham hints at deportation Pakistan
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Britain Grooming Gang: ब्रिटेन में नए प्रधानमंत्री बनने की रेस में आगे बताए जा रहे एंडी बर्नहैम ने कुख्यात “ग्रूमिंग गैंग” मामले पर सख्त रुख दिखाया है. उन्होंने संकेत दिए हैं कि इस मामले से जुड़े दोषियों को पाकिस्तान डिपोर्ट करने पर विचार किया जा सकता है.

क्या है ग्रूमिंग गैंग मामला?

ब्रिटेन में “ग्रूमिंग गैंग” उन संगठित गिरोहों को कहा जाता है जो बच्चों के यौन शोषण में शामिल रहे हैं. इन गिरोहों के कई सदस्य पाकिस्तानी मूल के बताए जाते हैं. ये मामले रोदरहम, रोचडेल और ऑक्सफोर्ड जैसे कई शहरों में सामने आए थे.

आरोप है कि ये लोग कम उम्र की लड़कियों से पहले दोस्ती करते थे, फिर उन्हें प्यार, ड्रग्स और गिफ्ट्स का लालच देकर फंसाते थे. इसके बाद उनके साथ यौन शोषण और गलत काम किए जाते थे.

दोषी शख्स को लेकर बयान

एंडी बर्नहैम ने शबीर अहमद का भी जिक्र किया, जिसे 2012 में नाबालिग लड़कियों के साथ रेप और अन्य यौन अपराधों के मामलों में दोषी ठहराया गया था. उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि ऐसे अपराधी को देश से बाहर भेजा जाए और इसके लिए सभी कानूनी विकल्पों पर विचार किया जाएगा. उन्होंने गृह और विदेश मंत्रालय से इस पर समीक्षा करने की बात कही है.

कानूनी और नागरिकता से जुड़ी स्थिति

रिपोर्ट के मुताबिक, शबीर अहमद के पास पहले ब्रिटिश नागरिकता थी, लेकिन सजा के बाद उसे रद्द कर दिया गया. हालांकि, कुछ पुराने कानूनों के कारण उसे डिपोर्ट करना आसान नहीं है.

बताया जा रहा है कि एक पुराने इमिग्रेशन कानून के तहत कुछ मामलों में लोगों को देश से निकाला नहीं जा सकता. साथ ही पाकिस्तान की ओर से भी ऐसे दोषियों को स्वीकार करने में हिचकिचाहट सामने आ रही है.

सरकार की निगरानी

अधिकारियों के अनुसार, दोषी पर सख्त निगरानी रखी जा रही है. उसे सेक्स ऑफेंडर्स रजिस्टर में रखा गया है और इलेक्ट्रॉनिक टैग के जरिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. उस पर बच्चों और युवाओं से किसी भी तरह के संपर्क पर पूरी तरह रोक है.

अन्य मामलों पर बातचीत

ब्रिटिश सरकार दो अन्य दोषियों को पाकिस्तान भेजने को लेकर भी बातचीत कर रही है, जिनकी नागरिकता पहले ही छीनी जा चुकी है. हालांकि, वे लोग मानवाधिकार कानूनों का हवाला देकर डिपोर्टेशन से बचने की कोशिश कर रहे हैं.

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