चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर CM धामी ने बुलाई अहम बैठक, अधिकारियों को दिए ये निर्देश

उत्तराखंड में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए राज्य स्तरीय वायु गुणवत्ता निगरानी समिति की बैठक का आयोजन सचिवालय में किया गया.

CM Pushkar Singh Dhami gave instructions regarding Char Dham Yatra 2026
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देहरादून: उत्तराखंड में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए राज्य स्तरीय वायु गुणवत्ता निगरानी समिति की बैठक का आयोजन सचिवालय में किया गया. इस बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव (वित्त) रमेश कुमार सुधांशु ने की, जिसमें राज्य के विभिन्न शहरों में वायु गुणवत्ता की स्थिति और स्वच्छता व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई.

वायु प्रदूषण की स्थिति पर चर्चा

बैठक में देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर में वायु प्रदूषण की स्थिति का गहराई से विश्लेषण किया गया. प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को प्रभावी और समन्वित कदम उठाने की सलाह दी ताकि वायु प्रदूषण के स्तर में और सुधार लाया जा सके. उन्होंने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन के लिए सभी संबंधित अधिकारियों से विशेष प्रयास करने को कहा और स्वच्छता मानकों के पालन को लेकर कड़े निर्देश दिए.

निर्माण स्थलों से प्रदूषण को नियंत्रित करने की योजना

निर्माण स्थलों से होने वाले धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख सचिव ने एमडीडीए के साथ समन्वय स्थापित कर निर्माण सामग्री को ढकने और नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए. इससे शहरी क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. यह कदम राज्य की वायु गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है.

सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान

चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख सचिव ने यात्रा मार्गों और अस्थायी आश्रय स्थलों पर सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि एनजीओ की मदद से चिन्हित स्थानों पर समानांतर सफाई प्रणाली स्थापित की जाए और इसकी निगरानी नियमित रूप से की जाए. इसके अलावा कूड़ा एकत्र करने के लिए वाहनों में डस्टबिन की व्यवस्था करने और जनता को जागरूक करने के लिए 'क्या करें, क्या न करें' पेम्पलेट लगाने के निर्देश भी दिए गए.

कचरा पृथक्करण पर जोर

बैठक में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 के तहत कचरे के पृथक्करण (सेग्रीगेशन) को अनिवार्य रूप से लागू करने की बात भी कही गई. प्रमुख सचिव ने कचरे के उचित प्रबंधन और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए इसे आवश्यक बताया.

वायु गुणवत्ता में सुधार की प्रगति

उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव, पराग मधुकर धकाते ने बैठक में वायु गुणवत्ता सुधार की प्रगति के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि देहरादून में 2019-20 की तुलना में 2024-25 में पीएम10 स्तर में 44.27 प्रतिशत सुधार हुआ है, वहीं ऋषिकेश में 38.2 प्रतिशत और काशीपुर में 26.92 प्रतिशत सुधार दर्ज किया गया है.

कसी एंड डी प्रोसेसिंग प्लांट की योजना

बैठक में काशीपुर में निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट (सी एंड डी) प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना के प्रस्ताव को जल्द प्रस्तुत करने की योजना बनाई गई. इस कदम से निर्माण सामग्री के अपशिष्ट का सही तरीके से प्रबंधन किया जा सकेगा और प्रदूषण की समस्या को नियंत्रित किया जा सकेगा.

बैठक में शामिल अधिकारी और आगामी कार्य योजना

बैठक में वन विभाग, नगर निगम और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे. सभी अधिकारियों ने मिलकर राज्य में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक मजबूत और कारगर कार्य योजना बनाने का निर्णय लिया.

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