जम्मू-कश्मीर के रामबन ज़िले में इस समय हालात बेहद गंभीर हैं. बीते 24 घंटों से हो रही तेज़ बारिश ने पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना दिया है. मूसलधार बारिश की वजह से जिले के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं, जबकि लगातार हो रहे भूस्खलन ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.
इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बड़ा असर जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर पड़ा है, जिसे इस क्षेत्र की 'लाइफलाइन' कहा जाता है. कीचड़ और गिरते पत्थरों के कारण यह हाइवे कई स्थानों पर पूरी तरह बंद हो चुका है, जिससे सैकड़ों वाहन बीच रास्ते में फंसे हुए हैं. नतीजतन, ज़रूरी सामान की सप्लाई भी बाधित हो गई है, और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं.
बारिश का पानी कई घरों में घुस चुका है. बुज़ुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए ये स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है.
Union Minister and BJP MP from Udhampur, Jitendra Singh posts on 'X': "There was a heavy hailstorm, multiple landslides and fast winds throughout the night in the Ramban region, including the areas surrounding the Ramban town. The National Highway stands blocked and… pic.twitter.com/IMVuQtkNSd
— ANI (@ANI) April 20, 2025
बारिश का स्तर:
रामबन और बनिहाल के बीच कई जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उधमपुर से श्रीनगर की ओर किसी भी गाड़ी को जाने की इजाज़त नहीं दी जा रही है. यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे तब तक यात्रा न करें जब तक हालात पूरी तरह सामान्य न हो जाएं और सड़कें साफ न कर दी जाएं.
प्रशासन और राहत दल मौके पर जुटे हुए हैं, लेकिन मौसम की मार के चलते राहत कार्यों में भी दिक्कतें आ रही हैं. लोगों से अपील है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें.
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