चीन पूर्वी एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी को तेजी से मजबूत कर रहा है. हाल ही में सामने आई उपग्रह तस्वीरों से स्पष्ट होता है कि चीन ताइवान और प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अड्डों को ध्यान में रखते हुए अपने मिसाइल अड्डों का तेज़ी से विस्तार कर रहा है. खासतौर पर ब्रिगेड 611 नामक यूनिट, जिसे बी-611 मिसाइल प्रणाली के रूप में भी जाना जाता है, में बड़ी गतिविधि दर्ज की गई है. यहां नए लॉन्चपैड, भूमिगत सुरंगें और स्टोरेज सुविधाओं का निर्माण किया गया है, जिससे यह अड्डा अब पहले की तुलना में दोगुना बड़ा हो चुका है.
बी-611 एक ठोस ईंधन से चलने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसे चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड इंडस्ट्री कॉरपोरेशन (CASIC) द्वारा विकसित किया गया है. यह मिसाइल अपनी श्रेणी में बेहद प्रभावी मानी जाती है और इसका उपयोग चीन सीमित दूरी के लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए करता है.
पीएलए रॉकेट फोर्स का तेजी से हो रहा विस्तार
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) रॉकेट फोर्स को काफी प्राथमिकता दी गई है. पिछले चार वर्षों में इस बल का मिसाइल भंडार लगभग 3,500 मिसाइलों तक पहुंच चुका है. इसमें पारंपरिक से लेकर उन्नत हाइपरसोनिक मिसाइलें शामिल हैं.
DF-17: अत्याधुनिक हाइपरसोनिक हथियार
डोंग फेंग-17 (DF-17) चीन की अत्याधुनिक हाइपरसोनिक मिसाइल है, जो एक हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (HGV) से लैस होती है. यह मिसाइल मैक 5 से मैक 10 (यानी आवाज की गति से 5 से 10 गुना तेज) तक की रफ्तार से उड़ान भर सकती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह पारंपरिक रक्षा प्रणालियों को चकमा दे सकती है, क्योंकि यह मार्ग बदलने में सक्षम होती है और बेहद कम ऊंचाई पर उड़ती है. इसकी मारक क्षमता 1,800 से 2,500 किलोमीटर के बीच है और यह पारंपरिक एवं परमाणु, दोनों प्रकार के हथियार ले जा सकती है.
DF-26: अमेरिका के लिए एक गंभीर चेतावनी
डोंग फेंग-26 (DF-26) एक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी पहुंच 5,000 किलोमीटर से भी अधिक है. यह मिसाइल परमाणु और पारंपरिक दोनों प्रकार के वारहेड ले जाने में सक्षम है और ज़मीन तथा समुद्र दोनों पर हमले कर सकती है. इसकी रेंज में गुआम स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे भी आते हैं, इसलिए इसे "गुआम एक्सप्रेस" या "गुआम किलर" भी कहा जाता है.
चीन के रेगिस्तानी अभ्यास: युद्ध की संभावित तैयारी?
चीन ने अपने पश्चिमी रेगिस्तान में नकली अमेरिकी युद्धपोतों और एयरक्राफ्ट कैरियर्स की प्रतिकृतियाँ बनाकर उन पर हमले का अभ्यास शुरू किया है. उपग्रह चित्रों से यह बात प्रमाणित हुई है कि PLA इन डमी टारगेट्स पर मिसाइल हमलों की सटीकता और असर का परीक्षण कर रहा है. यह कदम चीन की संभावित युद्ध रणनीति की तैयारी का संकेत देता है.
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