बीजिंग: चीन ने अपनी परमाणु हथियारों की क्षमता को गुपचुप तरीके से बढ़ाना शुरू कर दिया है, और इसका ताजा उदाहरण सिचुआन प्रांत के एक गांव से सामने आया है. हाल ही में ली गई सैटेलाइट तस्वीरों ने चीन के इस गुप्त विस्तार को उजागर किया है, जिससे दुनियाभर में चिंता का माहौल बन गया है. 2022 में इस गांव के निवासियों को वहां से निकालकर उनकी ज़मीनें जब्त कर ली गई थीं, और अब यह खुलासा हुआ है कि चीन ने उस इलाके में एक न्यूक्लियर वेपन फैसिलिटी स्थापित कर दी है. आइए जानते हैं, कैसे यह परियोजना सामने आई और इसका क्या महत्व है.
गुप्त रूप से की गई ज़मीनों की जब्ती
2022 में, सिचुआन प्रांत के एक गांव के निवासियों को चीन सरकार द्वारा अचानक उनके घरों से बाहर निकाल लिया गया था और उनकी ज़मीनें जब्त कर ली गई थीं. जब ग्रामीणों ने इसके कारणों को जानने के लिए स्थानीय अधिकारियों से सवाल किया, तो उन्हें बताया गया कि यह एक ‘राज्य गुप्त’ मामला है. इस रहस्य को और गहरा किया गया जब हाल ही में ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में खुलासा हुआ कि चीन ने इस क्षेत्र में एक परमाणु हथियारों की सुविधा स्थापित कर दी है. यह खुलासा काफी चौंकाने वाला था, क्योंकि चीन ने इस क्षेत्र में जो निर्माण किया है, वह पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा संकेत है.
सैटेलाइट तस्वीरों में दिखी न्यूक्लियर फैसिलिटी
अमेरिकी मीडिया आउटलेट CNN ने इस क्षेत्र की सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण किया और पाया कि चीन ने उस गांव की ज़मीन को समतल कर दिया है और यहां एक न्यूक्लियर वेपन फैसिलिटी का निर्माण किया है. यह सुविधा कई नए निर्माणों से सुसज्जित है, जिनमें आम जनता का प्रवेश प्रतिबंधित है. सैटेलाइट तस्वीरों में सबसे अहम चीज़ एक विशाल 'टिक-टैक' आकार का गुंबद है, जिसे टोंगजियांग नदी के किनारे पांच साल के अंदर बनाया गया. इस सुविधा में रेडिएशन मॉनिटर और बंकर-प्रूफ दरवाजे जैसी सुरक्षा व्यवस्था भी स्थापित की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यहां परमाणु गतिविधियों के लिए पूरी सुरक्षा और गोपनीयता का ध्यान रखा गया है.
चीन का परमाणु कार्यक्रम
चीन का परमाणु कार्यक्रम दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रमों में से एक है. चीन ने सैन्य और असैन्य दोनों क्षेत्रों में अपने परमाणु हथियारों की क्षमता में तेजी से इजाफा किया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन का लक्ष्य 2030 तक 1,000 और 2035 तक लगभग 1,500 परमाणु हथियार विकसित करना है. इस समय चीन के पास लगभग 600 परमाणु हथियार हैं, जो मिसाइलों, पनडुब्बियों और विमानों से दागे जा सकते हैं. इसके अलावा, चीन ने अपनी परमाणु ताकत में नई तकनीकों का उपयोग करना शुरू कर दिया है, जिनमें इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM), पनडुब्बी-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM), और लंबी दूरी के बॉम्बर विमान शामिल हैं.
चीन का गुप्त परमाणु परीक्षण
हाल ही में चीन पर आरोप लगे हैं कि उसने 2020 में एक गुप्त परमाणु परीक्षण किया था, जिसे छिपाने के लिए उसने 'डिकपलिंग' तकनीक का इस्तेमाल किया था. अमेरिका के विदेश विभाग के अंडर सेक्रेटरी थॉमस डिनाननो ने फरवरी 2026 में इस बात का खुलासा किया. रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन ने 22 जून 2020 को शिनजियांग के लोप नूर क्षेत्र में एक कम क्षमता वाला परमाणु परीक्षण किया था. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह परीक्षण भारत और चीन के बीच गलवान घाटी संघर्ष के बाद किया गया था. इस परीक्षण की गोपनीयता बनाए रखने के लिए चीन ने विशेष तकनीकें इस्तेमाल की थीं, जिनसे भूकंपीय निगरानी को भी कम किया जा सका.
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