DF-5C Missile: चीन ने एक बार फिर दुनिया को अपनी सैन्य ताकत का अहसास करा दिया है. बीजिंग में हाल ही में आयोजित एक भव्य सैन्य परेड में चीन ने अपनी सबसे आधुनिक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) DF-5C को दुनिया के सामने पेश किया. यह मिसाइल एक साथ 12 परमाणु वारहेड ले जाने में सक्षम है, जो इसे दुनिया की सबसे घातक मिसाइलों में से एक बनाता है.
DF-5C मिसाइल की रेंज 15,000 किलोमीटर तक है, यानी यह चीन से अमेरिका तक परमाणु हमला करने में सक्षम है. यही नहीं, यह भारत, जापान और रूस जैसे देशों के लिए भी रणनीतिक खतरा बन सकती है.
DF-5C: चीन की सबसे शक्तिशाली ICBM
DF-5C, चीन की डोंगफेंग (DF) सीरीज की सबसे नई मिसाइल है, जो तकनीकी रूप से पहले के मॉडल्स से कहीं ज्यादा एडवांस है. यह मिसाइल दो चरणों वाली लिक्विड फ्यूल प्रणाली पर आधारित है, जिसमें भारी पेलोड ले जाने की क्षमता है. इस मिसाइल का सबसे खतरनाक पक्ष यह है कि यह एक साथ 12 अलग-अलग लक्ष्यों पर परमाणु हमला कर सकती है.
इतिहास और विकास
चीन ने DF-5 मिसाइल प्रोग्राम की शुरुआत 1960 के दशक में की थी. उस समय चीन और सोवियत संघ के बीच बढ़ते तनाव के बीच बीजिंग ने अपने स्वदेशी मिसाइल प्रोग्राम पर ध्यान केंद्रित किया. DF-5 की पहली टेस्ट उड़ान 1971 में हुई थी और इसे 1981 में सेना में शामिल किया गया. इसके बाद इस श्रृंखला में कई अपग्रेड हुए. DF-5A और DF-5B के बाद, अब DF-5C को एक आधुनिक और ज्यादा खतरनाक संस्करण के रूप में तैयार किया गया है.
DF-5C की ताकत
इस मिसाइल की सबसे बड़ी ताकत इसकी MIRV (Multiple Independently Targetable Reentry Vehicles) प्रणाली है, जिससे यह एक साथ 12 अलग-अलग जगहों पर वार कर सकती है. मिसाइल की विस्फोटक क्षमता बेहद घातक है और इसे दुनिया के सबसे शक्तिशाली परमाणु हथियारों में गिना जा रहा है.
हालांकि यह लिक्विड फ्यूल आधारित मिसाइल है, जिसमें लॉन्चिंग से पहले दो घंटे तक ईंधन भरना पड़ता है, फिर भी रिपोर्ट्स के मुताबिक DF-5C में इस समस्या को काफी हद तक कम कर दिया गया है.
क्यों है यह मिसाइल खतरनाक?
भारत के लिए चेतावनी?
भारत के लिहाज से यह मिसाइल खासतौर पर चिंता का विषय बन सकती है. हालांकि भारत के पास भी अग्नि-5 जैसी ICBM है, लेकिन DF-5C की 12 MIRV क्षमता उसे रणनीतिक रूप से ज्यादा प्रभावशाली बनाती है. चीन का यह कदम भारत को अपनी मिसाइल रक्षा प्रणाली और परमाणु नीति पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर कर सकता है.
यह भी पढ़ें- अमित शाह ने फिर किया बड़ा दावा, कहा- 31 मार्च 2026 तक भारत होगा नक्सलवाद मुक्त