Amir Khan Muttaqi India Visit: अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी की भारत यात्रा ने कई राजनयिक और व्यापारिक मुद्दों को नया मोड़ दिया है. रविवार को नई दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मुत्तकी ने बताया कि उन्होंने भारत के विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय संबंधों को लेकर व्यापक बातचीत की. इस दौरान उन्होंने आर्थिक सहयोग, व्यापार, उड़ानों में वृद्धि, चाबहार बंदरगाह की भूमिका, और वाघा सीमा के खुलने जैसे मुद्दों को उठाया.
मुत्तकी ने जानकारी दी कि भारत ने काबुल स्थित अपने राजनयिक मिशन को फिर से सक्रिय करने की दिशा में कदम बढ़ाया है. अब यह मिशन दूतावास स्तर तक उन्नत किया जाएगा. उन्होंने बताया कि काबुल में तैनात भारतीय राजनयिक जल्द ही नई दिल्ली आएंगे, ताकि दोनों देशों के बीच बातचीत और सहयोग को मजबूती मिल सके.
#WATCH | Delhi | Afghanistan Foreign Minister Amir Khan Muttaqi says, "... During the meeting, the Indian foreign minister announced an increase in the flights between Kabul and Delhi... An agreement was also reached on trade and economy... We also invited the Indian side to… pic.twitter.com/laaEZ3vkIO
— ANI (@ANI) October 12, 2025
चाबहार और वाघा: क्षेत्रीय व्यापार के लिए अहम बिंदु
अपने बयान में मुत्तकी ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के बीच व्यापार को गति देने के लिए चाबहार बंदरगाह पर विस्तार से चर्चा हुई. यह बंदरगाह ईरान में स्थित है और भारत-अफगानिस्तान के व्यापार में एक वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग होता है, खासकर तब जब पाकिस्तान के साथ सीमा तनाव बना रहता है.
इसके अलावा, उन्होंने वाघा बॉर्डर को खोलने की मांग भी भारत सरकार के समक्ष रखी. उन्होंने कहा कि यह मार्ग भारत और अफगानिस्तान के बीच व्यापार का सबसे तेज और सुगम रास्ता हो सकता है. मुत्तकी के मुताबिक, अफगानिस्तान इस मार्ग से अधिक व्यापारिक लाभ देखता है और वह चाहता है कि भारत इस दिशा में सकारात्मक पहल करे.
उड़ानों में बढ़ोतरी और निवेश के निमंत्रण
मुत्तकी ने बताया कि बातचीत के दौरान भारतीय विदेश मंत्री ने काबुल और दिल्ली के बीच सीधी उड़ानों में वृद्धि का प्रस्ताव रखा है. इससे न केवल व्यापार को लाभ मिलेगा, बल्कि जनसंपर्क और आपसी यात्राओं में भी सुविधा होगी. उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान ने भारत को खनिज, कृषि और खेल जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया है.
महिला पत्रकारों के सवाल पर स्पष्टीकरण
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक खास बात यह रही कि इसमें महिला पत्रकारों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था. यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि दो दिन पहले आयोजित प्रेस वार्ता में केवल पुरुष पत्रकारों को बुलाया गया था, जिससे भारी आलोचना हुई थी.
#WATCH | Delhi | Afghanistan Foreign Minister Amir Khan Muttaqi says, "... I met the Minister of External Affairs of India and talked about economy, trade, and other issues. During the meeting, the EAM of India announced the upgrading of their mission in Kabul to Embassy level… pic.twitter.com/CdbCEKDEVg
— ANI (@ANI) October 12, 2025
जब मुत्तकी से इस विषय में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि शुक्रवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस बहुत कम समय में आयोजित की गई थी और मीडिया प्रतिनिधियों की सूची सीमित और विशिष्ट थी. उन्होंने दावा किया कि महिला पत्रकारों को बाहर रखने का कोई इरादा नहीं था, बल्कि यह तकनीकी कारण था. उन्होंने आगे कहा कि महिला पत्रकारों की भागीदारी को लेकर किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया है.
पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर उठे सवाल
10 अक्टूबर को आयोजित पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस की तस्वीरों में केवल पुरुष पत्रकारों की मौजूदगी देखी गई थी, जिससे भारतीय मीडिया संगठनों ने नाराजगी जाहिर की थी. इंडियन वीमेन्स प्रेस कॉर्प्स (IWPC) और एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने इसे लैंगिक भेदभाव करार दिया था और कहा था कि यह वियना कन्वेंशन के तहत राजनयिक आचरण के अनुरूप नहीं है. आलोचनाओं के बढ़ते दबाव के बाद तालिबान प्रतिनिधिमंडल ने रविवार के संवाददाता सम्मेलन में महिला पत्रकारों को विशेष निमंत्रण भेजा.
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