Jitan Ram Manjhi On NDA Bihar: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राजनीतिक हलकों में जारी अटकलों के बीच हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने एक अहम बयान जारी कर राजनीतिक समीकरणों को स्पष्ट कर दिया है. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि वे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साथ अंतिम समय तक निभाएंगे.
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में जीतन राम मांझी ने कहा, "मैं जीतन राम मांझी, अपने अंतिम सांस तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ रहूंगा." इस घोषणा के साथ उन्होंने उन तमाम राजनीतिक कयासों पर विराम लगा दिया है जो यह संकेत दे रहे थे कि सीटों के बंटवारे को लेकर उनकी पार्टी NDA से नाराज चल रही है.
अभी मैं पटना निकल रहा हूँ…
— Jitan Ram Manjhi (@jitanrmanjhi) October 12, 2025
वैसे एक बात बता दूँ मैंने पहले भी कहा था और आज फिर से कह रहा हूँ…
मैं जीतन राम मांझी अपने अंतिम साँस तक माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी के साथ रहूँगा।
“बिहार में बहार होगी,
नीतीश संग मोदी जी की सरकार होगी”
नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को बताया बिहार की जरूरत
जीतन राम मांझी ने यह भी साफ किया कि वे बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जोड़ी को भविष्य के लिए सबसे उपयुक्त मानते हैं. उन्होंने अपने बयान में लिखा, "बिहार में बहार होगी, नीतीश संग मोदी जी की सरकार होगी." इस नारे के जरिए उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा, NDA के घटक दल के रूप में आने वाले चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाएगी और नीतीश-मोदी के नेतृत्व में ही बिहार का विकास सुनिश्चित होगा.
सीट बंटवारे की चर्चाओं पर विराम
बीते कुछ समय से मीडिया में यह खबरें चल रही थीं कि HAM पार्टी सीट बंटवारे को लेकर असंतुष्ट है और वह करीब 15 विधानसभा सीटों की मांग कर रही है. इसे लेकर पार्टी नेताओं और बीजेपी नेतृत्व के बीच बातचीत चल रही थी. हालांकि, मांझी के इस बयान से यह संकेत मिला है कि अब कोई विवाद नहीं बचा है और सीटों को लेकर NDA में सहमति बन चुकी है.
NDA की एकजुटता का संदेश
मांझी के इस बयान को चुनावी रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे एक तरफ यह संदेश गया है कि NDA पूरी तरह से एकजुट है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दलों के लिए यह एक चेतावनी भी है कि किसी प्रकार की फूट की उम्मीद करना व्यर्थ है. यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब बिहार की सियासत में गठबंधन के समीकरण लगातार बदल रहे हैं और राजनीतिक दल अपने-अपने पाले मजबूत करने में जुटे हैं.
HAM की भूमिका और मांझी की रणनीति
Hindustani Awam Morcha (HAM) भले ही बिहार में एक छोटी पार्टी हो, लेकिन दलित मतदाताओं के बीच इसका अच्छा प्रभाव माना जाता है. जीतन राम मांझी खुद भी राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं और समाज के कमजोर तबकों में उनकी पकड़ मजबूत है. ऐसे में NDA उन्हें अपने साथ बनाए रखना रणनीतिक रूप से जरूरी मानता है.
HAM द्वारा NDA में बने रहने की घोषणा से यह तय माना जा रहा है कि मांझी को सम्मानजनक सीटें दी जाएंगी और उनकी पार्टी को चुनाव में उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा. इससे ना सिर्फ NDA को सामाजिक समीकरण साधने में मदद मिलेगी, बल्कि विपक्ष के लिए मुकाबला और भी कठिन हो जाएगा.
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