नई दिल्ली: देश में साइबर सुरक्षा को लेकर एक बड़ी चेतावनी सामने आई है. अगर आप Google Chrome या Mozilla Firefox ब्राउज़र का इस्तेमाल करते हैं, तो सतर्क हो जाइए. भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने इन ब्राउज़रों को लेकर एक हाई-रिस्क अलर्ट जारी किया है. यह चेतावनी इसलिए अहम है क्योंकि भारत में करोड़ों लोग इन्हीं ब्राउज़रों के ज़रिए इंटरनेट एक्सेस करते हैं.
पुराना वर्जन बना सकता है खतरे का रास्ता
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, Firefox और Chrome के पुराने वर्जन में गंभीर सुरक्षा खामियां पाई गई हैं, जिनका फायदा उठाकर हैकर्स आपके सिस्टम में सेंध लगा सकते हैं. खासतौर पर Mozilla Firefox का वर्जन 144 से नीचे, Firefox ESR का 115.29 से नीचे, और Thunderbird का 140.4 से नीचे का वर्जन इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को सबसे ज्यादा खतरा है. ChromeOS के भी 16404.45.0 से पुराने वर्जन प्रभावित माने जा रहे हैं.
डेटा चोरी और सिस्टम क्रैश का बना है खतरा
इन खामियों के चलते हैकर्स आपके सिस्टम से संवेदनशील जानकारी चुरा सकते हैं या फिर आपके डिवाइस को पूरी तरह से क्रैश भी कर सकते हैं. Chrome में यह खतरा खासकर WebGPU, वीडियो और सिंकिंग फीचर्स के जरिए हीप बफर ओवरफ्लो के रूप में सामने आया है. वहीं Firefox यूजर्स पर यह खतरा विंडोज़ और एंड्रॉयड दोनों प्लेटफॉर्म्स पर मंडरा रहा है.
इस साइबर हमले से कैसे बचें?
साइबर हमलों से बचने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है, अपने ब्राउज़र को तुरंत अपडेट करना. दोनों कंपनियों ने इन खामियों को ठीक करने के लिए नए सिक्योरिटी पैच जारी कर दिए हैं. अगर आप ब्राउज़र अपडेट करना भूल जाते हैं, तो इसे ऑटो-अपडेट मोड में सेट कर दें. इससे हर बार नया अपडेट खुद-ब-खुद इंस्टॉल होता रहेगा और आपका सिस्टम सुरक्षित रहेगा.
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