CDF बनते ही आसीम मुनीर ने अपने कट्टर दुश्मन को लगाया ठिकाने, पाक के पूर्व सेना अधिकारी आतंकी घोषित

Adil Raja News: पाकिस्तान सरकार ने पूर्व सेना अधिकारी और इमरान खान के कट्टर समर्थक आदिल राजा को देश के खिलाफ नफरत फैलाने के आरोप में आतंकवादी घोषित कर दिया है. यह कार्रवाई पाकिस्तान के गृह मंत्रालय की ओर से की गई है, जिसने आदिल राजा को एंटी-टेरेरिज्म एक्ट के तहत प्रतिबंधित व्यक्ति घोषित किया है.

CDF Asim Munir killed his arch enemy former Pakistan Army officer Adil Raja declared a terrorist
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Adil Raja News: पाकिस्तान सरकार ने पूर्व सेना अधिकारी और इमरान खान के कट्टर समर्थक आदिल राजा को देश के खिलाफ नफरत फैलाने के आरोप में आतंकवादी घोषित कर दिया है. यह कार्रवाई पाकिस्तान के गृह मंत्रालय की ओर से की गई है, जिसने आदिल राजा को एंटी-टेरेरिज्म एक्ट के तहत प्रतिबंधित व्यक्ति घोषित किया है. पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने यह जानकारी दी है कि आदिल राजा को इस हफ्ते 'आतंकवादी' घोषित कर दिया गया है, और इस फैसले से उनकी गतिविधियों के खिलाफ एक सख्त संदेश भेजने की कोशिश की गई है.

आदिल राजा, जो पाकिस्तान के पूर्व सैन्य अधिकारी रहे हैं, वर्तमान में ब्रिटेन में रहकर पाकिस्तान की राजनीति और समाज से जुड़ी गतिविधियों पर टिप्पणी करते हैं. वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, खासकर यूट्यूब पर, पाकिस्तान सरकार और सेना के आलोचक के रूप में जाने जाते हैं. उनके वीडियो और बयान अक्सर पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ होते हैं, और इन्हें एक खास राजनीतिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया जाता है. राजा इमरान खान के समर्थक माने जाते हैं और उनकी आलोचना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अक्सर तीखी टिप्पणियाँ करते रहते हैं.

विदेश में बैठकर पाकिस्तान के खिलाफ अभियान चला रहे हैं आदिल राजा

पाकिस्तान सरकार का आरोप है कि आदिल राजा, जो ब्रिटेन में रहते हुए पाकिस्तान की राजनीति पर टिप्पणी करते हैं, देश के खिलाफ प्रोपेगेंडा चला रहे हैं. गृह मंत्रालय का कहना है कि वह विदेश में बैठकर पाकिस्तान के खिलाफ नकारात्मक और विरोधी नैरेटिव फैला रहे हैं. 

इस आरोप के बाद, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने ब्रिटिश हाई कमिश्नर जेन मैरियट से इस्लामाबाद में मुलाकात की और आदिल राजा के प्रत्यर्पण से जुड़ी औपचारिक दस्तावेज़ ब्रिटेन सरकार को सौंपे. हालांकि, ब्रिटेन सरकार की ओर से इस मुद्दे पर अब तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है.

गृह मंत्रालय ने जारी किया बयान

पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने शनिवार (27 दिसंबर 2025) को एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि आदिल राजा की गतिविधियाँ पाकिस्तान की सुरक्षा, अखंडता और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरे का कारण बन रही थीं. मंत्रालय ने आरोप लगाया कि आदिल राजा ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग किया और कई बार प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से जुड़े राष्ट्र-विरोधी नैरेटिव और प्रोपेगेंडा को बढ़ावा दिया. मंत्रालय का कहना है कि राजा की गतिविधियों से पाकिस्तान की संप्रभुता और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी.

गृह मंत्रालय ने बयान में यह भी कहा, “आदिल राजा ने हमेशा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के खिलाफ विरोधी बयानबाजी को बढ़ावा दिया, जिससे देश की सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ. उन्होंने इस प्रचार को सुविधाजनक बनाया और उसे व्यापक स्तर पर फैलाया, जो पाकिस्तान के हितों और संप्रभुता के खिलाफ था. इसीलिए, पाकिस्तान सरकार ने एंटी-टेरेरिज्म एक्ट, 1997 की धारा 11EE के तहत उसे चौथी शेड्यूल में प्रतिबंधित व्यक्ति के रूप में शामिल करने का फैसला किया है.”

पाकिस्तान की ओर से उठाया गया कठोर कदम

पाकिस्तान सरकार का यह कदम इस बात को उजागर करता है कि आदिल राजा की गतिविधियाँ सिर्फ सोशल मीडिया तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्होंने एक व्यवस्थित तरीके से पाकिस्तान के खिलाफ एक अंतर्राष्ट्रीय प्रचार अभियान चलाया है. गृह मंत्रालय ने यह भी बताया कि आदिल राजा के खिलाफ यह कार्रवाई पाकिस्तान की सुरक्षा और अखंडता को बनाए रखने के लिए जरूरी थी.

इस कदम के बाद, पाकिस्तान सरकार ने यह साफ किया है कि वह अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ किसी भी प्रकार की गतिविधियों को सहन नहीं करेगी. इसके अलावा, आदिल राजा के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की योजना भी बनाई जा रही है.

आदिल राजा का पक्ष

वहीं, आदिल राजा ने इस आरोप का विरोध किया है और अपनी स्थिति को स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य केवल पाकिस्तान की राजनीति में हो रहे बदलावों और घटनाओं पर चर्चा करना है. उन्होंने कई बार कहा है कि उनका काम केवल एक नागरिक के रूप में अपनी राय रखने का है और वह किसी तरह का भड़काऊ या असामाजिक कार्य नहीं कर रहे हैं. हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने उनके बयानों को देश के खिलाफ एक प्रोपेगेंडा के रूप में लिया है, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है.

इस पूरे घटनाक्रम में आदिल राजा की गिरफ्तारी और उनके प्रत्यर्पण की संभावना पर भी चर्चा शुरू हो गई है. पाकिस्तान सरकार द्वारा उनके खिलाफ उठाए गए कदमों से यह भी जाहिर होता है कि वह ऐसे तत्वों को सख्ती से रोकने की कोशिश कर रही है, जो देश के खिलाफ विरोधी अभियान चला रहे हैं.

अब देखना यह है कि ब्रिटेन सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और पाकिस्तान को आदिल राजा के प्रत्यर्पण में कितनी मदद मिलती है. साथ ही, इस मामले को लेकर पाकिस्तान के अंदर और बाहर की राजनीतिक गतिविधियाँ किस दिशा में बढ़ती हैं, यह भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है.

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