Bihar Cyber Crime News: बिहार के बगहा शहर में एक कपड़ा व्यवसायी से करीब 8 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है. यह ठगी शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर की गई थी. पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार आरोपियों में एक पटना का रहने वाला है, जबकि दूसरा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद का रहने वाला है. इस घटना में अन्य कई आरोपियों की भूमिका सामने आ रही है, जिनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.
क्या है पूरा मामला?
यह घटना बगहा जिले के एक कपड़ा व्यवसायी मनोज ड्रोलिया से जुड़ी हुई है. 21 नवंबर को मनोज ड्रोलिया ने बगहा साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने अपने साथ हुई साइबर ठगी का जिक्र किया. उनके अनुसार, उन्हें पटना जिले के खाजेकला थाना क्षेत्र के नवाब बहादुर रोड निवासी वसीम अकरम द्वारा एक कंपनी के माध्यम से शेयर मार्केट में निवेश का झांसा दिया गया. इस कंपनी का नाम WS Inovatex Private Limited था. वसीम अकरम और उसके सहयोगियों ने अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से व्यवसायी से कुल 8 करोड़ रुपये का निवेश करवाया.
मनोज ड्रोलिया ने बताया कि जब उन्होंने अपने निवेश की राशि निकालने के लिए संपर्क किया, तो आरोपी उन्हें टालमटोल करने लगे. इसके बाद उन्हें इस बात पर संदेह हुआ और उन्होंने साइबर थाने में मामला दर्ज कराया. पुलिस ने इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू की.
कपड़ा व्यवसायी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज
साइबर थाना प्रभारी निर्मला के अनुसार, 21 नवंबर को दर्ज की गई शिकायत में मनोज ड्रोलिया ने बताया कि वसीम अकरम ने उन्हें निवेश के लिए आकर्षित किया था. अकरम ने दावा किया था कि उनकी कंपनी शेयर बाजार में निवेश के लिए एकदम सुरक्षित और लाभकारी है. इसके बाद वसीम अकरम और उसके साथियों ने व्यवसायी से लगातार पैसे जमा कराए, जिनका कुल आंकड़ा करीब 8 करोड़ रुपये था. बाद में जब व्यवसायी ने अपने निवेश की रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने उसे बहाने बना दिए और संपर्क बंद कर दिया.
इसके बाद, मनोज ड्रोलिया ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक ठगी का मामला दर्ज किया. पुलिस ने अपने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी वसीम अकरम को 3 दिसंबर को पटना से गिरफ्तार कर लिया.
दो आरोपियों की गिरफ्तारी, एक आरोपी उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया
पुलिस ने वसीम अकरम को गिरफ्तार करने के बाद इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश शुरू की. जांच के दौरान, पुलिस को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र के न्यू गंगा बिहार, सेक्टर-05 निवासी शिवम चौहान का नाम सामने आया. शिवम चौहान पन्नलाल का बेटा है और उसे गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने उसे ट्रांजिट रिमांड पर बगहा लाकर पूछताछ की, और फिर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
वर्तमान में, पुलिस अन्य खाताधारकों, हैंडलरों और पूरे साइबर नेटवर्क की जांच कर रही है. पुलिस के अनुसार, इस ठगी में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान की जा रही है.
पुलिस का बयान और आगे की जांच
बगहा के पुलिस अधीक्षक (SP) ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपियों को गिरफ्तार किया. उन्होंने यह भी बताया कि साइबर थाना की टीम अब बैंकिंग लेन-देन, डिजिटल साक्ष्य और तकनीकी डेटा की गहन जांच कर रही है ताकि इस अपराध से जुड़े सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके.
इसके अलावा, एसपी ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के निवेश से पहले कंपनी की वैधता और उसकी पूरी जानकारी जांच लें. विशेषकर, शेयर बाजार या अन्य निवेश योजनाओं में पैसे लगाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि संबंधित कंपनी या निवेश का कानूनी दर्जा क्या है. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर थाने को देने की भी उन्होंने अपील की.
कैसे काम करते हैं साइबर ठग?
यह मामला इस बात का उदाहरण है कि कैसे साइबर ठग निवेश के नाम पर लोगों को ठगने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हैं. शेयर मार्केट और निवेश के नाम पर लोगों को आकर्षित करने के लिए फर्जी कंपनियां बनाना, बैंक खातों के माध्यम से पैसे इकट्ठा करना और फिर अचानक गायब हो जाना ठगों का आम तरीका बन चुका है. ऐसे मामलों में निवेशकों को पैसे की उम्मीद होती है, लेकिन जब वे अपनी रकम वापस मांगते हैं, तो ठग उन्हें बहाने देने लगते हैं और पूरी योजना धोखाधड़ी पर आधारित होती है.
इसके लिए पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी ऐसे व्यक्ति या कंपनी से निवेश करने से बचें, जिसका ट्रैक रिकॉर्ड संदिग्ध हो. साथ ही, निवेश के बारे में पूरी जानकारी हासिल करने के बाद ही कोई कदम उठाएं.
साइबर ठगी से बचने के उपाय
साइबर ठगी के मामलों में वृद्धि के चलते, यह महत्वपूर्ण है कि लोग इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए जागरूक रहें. सबसे पहले, किसी भी प्रकार के निवेश से पहले उस कंपनी या व्यक्ति की पूरी जानकारी लें. यदि कंपनी के पास वैध लाइसेंस और प्रमाण पत्र नहीं हैं, तो उससे निवेश करने से बचें. इसके अलावा, बैंक खाते या व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करें और कभी भी किसी संदिग्ध व्यक्ति को अपनी वित्तीय जानकारी न दें.
यदि आप किसी धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन या साइबर थाने में रिपोर्ट करें. यह सुनिश्चित करें कि सभी संबंधित दस्तावेज और प्रमाण पत्र पुलिस को उपलब्ध कराए जाएं ताकि जांच में मदद मिल सके.
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