Mark Carney India Visit: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी 26 फरवरी से 7 मार्च तक भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान की यात्रा पर जाएंगे. इस दौरे की आधिकारिक जानकारी उनके कार्यालय की ओर से दी गई है. यात्रा का मुख्य फोकस व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रक्षा जैसे क्षेत्रों में नए अवसर तलाशना है.
कार्नी अपनी यात्रा की शुरुआत भारत से करेंगे और सबसे पहले मुंबई पहुंचेंगे. इसके बाद वह नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी, जिसे दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है.
Canadian Prime Minister Mark Carney announced that he will travel to India, Australia, and Japan from February 26 to March 7, 2026, to unlock new opportunities for Canadian workers and businesses across trade, energy, technology, and defence. Through these visits to three of… pic.twitter.com/ooUTJvgSWs
— ANI (@ANI) February 23, 2026
इस दौरान दोनों नेता व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, AI, प्रतिभा, संस्कृति और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे. साथ ही कार्नी भारत के बिजनेस लीडर्स से भी मुलाकात करेंगे, ताकि कनाडा में निवेश को बढ़ावा दिया जा सके और नए कारोबारी समझौते किए जा सकें.
व्यापार बढ़ाने पर खास जोर
भारत और कनाडा के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं. साल 2024 में भारत कनाडा का सातवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा. दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का कुल व्यापार लगभग 30 से 31 अरब डॉलर के आसपास रहा.
दोनों देश 2030 तक इस व्यापार को बढ़ाकर 70 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रख रहे हैं. इसके लिए व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर बातचीत भी शुरू हो चुकी है, जिससे व्यापार और निवेश के नए रास्ते खुल सकते हैं.
ऑस्ट्रेलिया में रणनीतिक बातचीत
भारत दौरे के बाद कार्नी सिडनी और कैनबरा जाएंगे. यहां वह ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज़ से मुलाकात करेंगे. इस बैठक में रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, व्यापार और AI जैसी उन्नत तकनीकों पर चर्चा होगी. खास बात यह है कि कार्नी ऑस्ट्रेलिया की संसद को भी संबोधित करेंगे, जो लगभग 20 वर्षों में किसी कनाडाई प्रधानमंत्री का पहला संबोधन होगा.
वैश्विक साझेदारी पर जोर
इस पूरे दौरे के जरिए कनाडा अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, नए निवेश आकर्षित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रणनीतिक साझेदारियां बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. बदलते वैश्विक हालात में यह यात्रा कनाडा की विदेश नीति और आर्थिक रणनीति के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है.
ये भी पढ़ें- एंड्रॉयड स्मार्टफोन के ये कमाल के फीचर्स बचाएंगे आपका समय, जानिए इस्तेमाल करने का आसान तरीका