Amit Shah Bharat Taxi: भारत के टैक्सी सेक्टर में एक बड़ा बदलाव शुरू हो गया है. केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 5 फरवरी को दिल्ली में “भारत टैक्सी” प्लेटफॉर्म लॉन्च किया. यह देश का पहला राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जो सहकारी (कोऑपरेटिव) मॉडल पर आधारित है. इसका मुख्य उद्देश्य टैक्सी ड्राइवरों को सीधे फायदा पहुंचाना और बिचौलियों की भूमिका खत्म करना है.
अमित शाह ने टैक्सी ड्राइवरों से बातचीत के दौरान कहा कि इस पहल का मकसद उन लोगों को मजबूत बनाना है, जो दिन-रात मेहनत करते हैं. उन्होंने निजी कैब कंपनियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वहां कमाई का बड़ा हिस्सा कंपनी ले लेती है, जबकि मेहनत ड्राइवर करता है. भारत टैक्सी में यह मॉडल बदलने की कोशिश की गई है, ताकि कमाई का फायदा सीधे ड्राइवरों को मिले.
'भारत टैक्सी' एक ऐसा सहकारी क्षेत्र का टैक्सी मॉडल है, जहाँ टैक्सी चालक, यानी ‘सारथी’, कंपनी के मुनाफे के मालिक भी होंगे। pic.twitter.com/94Uu6hAQdD
— Amit Shah (@AmitShah) February 23, 2026
“सोने का अंडा देने वाली मुर्गी” से समझाया मॉडल
अमित शाह ने अपने संबोधन में एक कहानी के जरिए इस मॉडल को समझाया. उन्होंने कहा कि जैसे लालच में आकर कोई व्यक्ति सोने का अंडा देने वाली मुर्गी को ही खत्म कर देता है, वैसे ही अगर सिस्टम में संतुलन न रहे तो नुकसान होता है. उन्होंने समझाया कि भारत टैक्सी का उद्देश्य “शोषण” नहीं बल्कि “सहयोग” है. यानी ड्राइवरों से कमाई कराना है, उनका फायदा छीनना नहीं.
“ड्राइवर नहीं, आप ही मालिक हैं”
शाह ने साफ कहा कि इस प्लेटफॉर्म में ड्राइवर सिर्फ कर्मचारी नहीं होंगे, बल्कि मालिक की भूमिका में होंगे. उन्होंने बताया कि पारंपरिक कंपनियों में ड्राइवर की कमाई का करीब 30% हिस्सा कट जाता है और आय की कोई गारंटी नहीं होती. लेकिन भारत टैक्सी में कमाई का मॉडल अलग होगा, यहां मेहनत करने वाले को ही फायदा मिलेगा.
सिर्फ 500 रुपये से जुड़ सकते हैं ड्राइवर
इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लिए ड्राइवरों को केवल 500 रुपये का निवेश करना होगा. इसके बाद उन्हें अपनी सेवाओं के बदले तय और पारदर्शी किराया मिलता रहेगा. यानी कमाई को लेकर अनिश्चितता कम होगी.
देश की पहली सहकारी क्षेत्र की टैक्सी सर्विस ‘भारत टैक्सी’ के सारथियों के साथ संवाद... https://t.co/PpbTy1YTsP
— Amit Shah (@AmitShah) February 23, 2026
3 साल बाद मिलेगा मुनाफे में हिस्सा
अमित शाह ने बताया कि ड्राइवरों को सिर्फ किराया ही नहीं, बल्कि कंपनी के मुनाफे में भी हिस्सा मिलेगा. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर भविष्य में कंपनी 25 करोड़ रुपये कमाती है, तो 20% (करीब 5 करोड़ रुपये) कंपनी में पूंजी के रूप में रहेगा और 80% रकम ड्राइवरों में बांटी जाएगी. यह हिस्सा इस आधार पर तय होगा कि किस ड्राइवर ने कितने किलोमीटर गाड़ी चलाई.
धैर्य के साथ मिलेगा बड़ा फायदा
हालांकि इस मुनाफे का लाभ पाने के लिए ड्राइवरों को शुरुआती 3 साल तक धैर्य रखना होगा. इस दौरान उन्हें नियमित किराया मिलता रहेगा और बाद में मुनाफे में हिस्सेदारी भी शुरू होगी.
टैक्सी सेक्टर में नया मॉडल बनने की उम्मीद
“भारत टैक्सी” को टैक्सी इंडस्ट्री में एक नए प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है. अगर यह मॉडल सफल होता है, तो आने वाले समय में ड्राइवरों की आय और अधिकार दोनों मजबूत हो सकते हैं. यह पहल पारंपरिक प्राइवेट कैब एग्रीगेटर्स के मुकाबले एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है, जहां कमाई का नियंत्रण अब सीधे मेहनत करने वालों के हाथ में होगा.
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