एडवांस ड्रोन, मिसाइल, लेजर वेपन... भारत-इजरायल के बीच होगी बड़ी डिफेंस डील! खास होगा पीएम मोदी का दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 फरवरी से दो दिन की इजरायल यात्रा पर जा रहे हैं. यह उनके नौ साल बाद दूसरी यात्रा होगी; पहली बार वह 2017 में इस ऐतिहासिक दौरे पर गए थे.

There will be a big defense deal between India and Israel PM Modi
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 फरवरी से दो दिन की इजरायल यात्रा पर जा रहे हैं. यह उनके नौ साल बाद दूसरी यात्रा होगी; पहली बार वह 2017 में इस ऐतिहासिक दौरे पर गए थे. इस बार की यात्रा न केवल जियोपॉलिटिक्स बल्कि दोनों देशों के रक्षा संबंधों के लिहाज से भी बेहद अहम मानी जा रही है. बीते एक दशक में इजरायल भारत का भरोसेमंद रक्षा सहयोगी बन चुका है, और माना जा रहा है कि पीएम मोदी की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच हथियारों और उन्नत रक्षा उपकरणों में नई साझेदारी की डील हो सकती है.

भारतीय सेना ने पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान और उसके सहयोगी आतंकी संगठनों के खिलाफ इजरायली हथियारों का सफल इस्तेमाल किया था. इसके अनुभव के आधार पर भारत अब भविष्य की सुरक्षा जरूरतों के हिसाब से इजरायल की हाई-टेक डिफेंस टेक्नोलॉजी को अपने सिस्टम में शामिल करने की योजना बना रहा है.

डील में शामिल हो सकते हैं कई हथियार

सूत्रों के अनुसार भारत इजरायल के एडवांस ड्रोन, लंबी दूरी की मिसाइलें और हाई-एनर्जी लेजर वेपन जैसी तकनीकों में साझेदारी बढ़ाना चाहता है. ये सिस्टम पाकिस्तान जैसे संभावित दुश्मनों की मिसाइल और ड्रोन खतरों से सुरक्षा के लिए मल्टी-लेयर एयर डिफेंस शील्ड के रूप में काम कर सकते हैं. संभावना है कि पीएम मोदी की यात्रा के दौरान साझा उत्पादन, तकनीकी सहयोग और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के लिए समझौते पर बातचीत हो.

हाई-एनर्जी लेजर और 'आयरन बीम' सिस्टम

भारत की डीआरडीओ ने 30 किलोवाट के हाई-एनर्जी लेजर वेपन विकसित किए हैं, जिन्हें Mk-II(A) सिस्टम कहा जाता है. वहीं इजरायल के पास 100 किलोवाट का 'आयरन बीम' सिस्टम है, जो ड्रोन, रॉकेट और मोर्टार शेल तक को रोकने में सक्षम है. इसकी लागत प्रति शॉट कम है और यह एयर डिफेंस के लिए बेहद प्रभावी विकल्प माना जा रहा है.

भारत का स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम 'सुदर्शन चक्र'

पीएम मोदी ने 15 अगस्त 2025 को देश का स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम 'सुदर्शन चक्र' तैयार करने की घोषणा की थी. इसका उद्देश्य 2035 तक भारत के बड़े शहरों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को हवाई हमलों से सुरक्षित करना है. इसमें बराक-8 एमआर-एसएएम और एलआर-एसएएम जैसी तकनीकें शामिल हैं, जिन्हें एआई, एडवांस सेंसर और साइबर डिफेंस से लैस किया जाएगा. इजरायल के आयरन डोम और अन्य सिस्टम के साथ तालमेल से इस लक्ष्य को हासिल करना आसान होगा.

इजरायल भारत का बड़ा हथियार सप्लायर

फोर्ब्स इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार 2026 में भारत और इजरायल के बीच 8.6 अरब डॉलर की डिफेंस डील की संभावना है. यदि यह औपचारिक रूप से अंतिम रूप लेती है, तो इजरायल फ्रांस के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा हथियार सप्लायर बन जाएगा. इस डील में शामिल हथियारों में 1,000 स्पाइस प्रिसिजन गाइडेड बम, 250 किमी रेंज वाली एयर-टू-सरफेस मिसाइल, एयर लोरा ब्लैस्टिक मिसाइल और 300 किमी रेंज वाली आइसब्रेकर मिसाइल सिस्टम शामिल होने की चर्चा है.

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