अमेरिका का कैलिफोर्निया लंबे समय से भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, लेकिन दक्षिणी कैलिफोर्निया को लेकर सामने आया एक नया वैज्ञानिक अध्ययन धरती के भीतर जमा हो रही ऊर्जा की ओर ध्यान खींच रहा है. शोध के मुताबिक सैन एंड्रियास और सैन जैसिंटो फॉल्ट सिस्टम के कुछ हिस्सों में जमीन के नीचे तनाव पिछले करीब 1000 वर्षों की तुलना में असामान्य रूप से अधिक स्तर पर पहुंच गया है. हालांकि वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि इसका अर्थ यह नहीं है कि जल्द ही कोई बड़ा भूकंप आने वाला है. अध्ययन फिलहाल फॉल्ट लाइनों की मौजूदा स्थिति और उनमें जमा दबाव को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण जानकारी देता है.
1000 साल पुराने भूकंपों से तैयार किया गया मॉडल
इस अध्ययन का नेतृत्व यूनिवर्सिटी ऑफ बर्न के वैज्ञानिकों ने किया है. शोधकर्ताओं ने दक्षिणी कैलिफोर्निया में पिछले करीब एक हजार वर्षों के भूकंपों का कंप्यूटर मॉडल तैयार किया. इसके लिए पुराने भूकंपों के भूगर्भीय निशान, रेडियोकार्बन डेटिंग, पेड़ों की सालाना वृद्धि में दर्ज बदलाव और ऐतिहासिक दस्तावेजों जैसी जानकारियों का इस्तेमाल किया गया. वैज्ञानिकों ने इस मॉडल के जरिए यह समझने की कोशिश की कि बड़े भूकंप के बाद फॉल्ट के आसपास तनाव किस तरह कम होता है और शांत अवधि में पृथ्वी के भीतर फिर से ऊर्जा किस तरह जमा होती जाती है. इसके बाद हजार वर्षों की इस प्रक्रिया की तुलना वर्तमान स्थिति से की गई.
सैन जैसिंटो फॉल्ट के हिस्से में सबसे ज्यादा दबाव
अध्ययन में सैन जैसिंटो-बर्नार्डिनो हिस्से को खास तौर पर महत्वपूर्ण पाया गया है. यहां जमा तनाव करीब 3.6 मेगापास्कल तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है. मॉडल के मुताबिक पिछले लगभग 1000 वर्षों में इस हिस्से में इतना अधिक दबाव दर्ज नहीं किया गया था. वहीं सैन एंड्रियास फॉल्ट के दक्षिणी मोजावे हिस्से में तनाव करीब 2.8 मेगापास्कल बताया गया है. वैज्ञानिकों के लिए केवल अलग-अलग फॉल्ट पर मौजूद दबाव ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि दोनों फॉल्ट सिस्टम के बीच तनाव और ऊर्जा के संभावित प्रभाव को समझना भी अहम है. अगर किसी बड़े भूकंप के दौरान एक फॉल्ट से दूसरे फॉल्ट सिस्टम तक ऊर्जा का प्रभाव पहुंचता है, तो झटकों का दायरा काफी व्यापक हो सकता है.
Cajon Pass क्यों है वैज्ञानिकों के लिए इतना अहम?
लॉस एंजेलिस के उत्तर-पूर्व में स्थित कैजन पास सैन एंड्रियास और सैन जैसिंटो फॉल्ट सिस्टम के बीच एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है. वैज्ञानिक इसे एक तरह के संभावित 'अर्थक्वेक गेट' के रूप में देखते हैं. इसका मतलब है कि यह इलाका इस बात को समझने में मदद कर सकता है कि भूकंप की ऊर्जा किसी एक फॉल्ट पर सीमित रहती है या दूसरे फॉल्ट सिस्टम तक भी फैल सकती है. इतिहास में इसके अलग-अलग उदाहरण मिले हैं. वर्ष 1857 का फोर्ट तेजोन भूकंप, जिसकी तीव्रता करीब 7.9 मानी जाती है, कैजन पास पर रुक गया था. इसके विपरीत 1812 के राइटवुड भूकंप के दौरान दोनों फॉल्ट सिस्टम प्रभावित हुए थे. यही वजह है कि वैज्ञानिक इस क्षेत्र की गतिविधियों को गंभीरता से समझने की कोशिश कर रहे हैं.
क्या जल्द आने वाला है बड़ा भूकंप?
नए शोध के बाद कैलिफोर्निया में बड़े भूकंप की आशंका को लेकर चर्चा जरूर तेज हो सकती है, लेकिन वैज्ञानिकों ने किसी निश्चित तारीख या समय की भविष्यवाणी नहीं की है. फॉल्ट पर अधिक तनाव जमा होना अपने आप में इस बात का प्रमाण नहीं है कि भूकंप तुरंत आने वाला है. भूकंप की सटीक भविष्यवाणी आज भी वैज्ञानिकों के लिए बेहद कठिन चुनौती है. इस अध्ययन का महत्व इस बात में है कि इससे दक्षिणी कैलिफोर्निया की सक्रिय फॉल्ट लाइनों के भीतर लंबे समय से जमा हो रहे तनाव और उनके आपसी संबंध को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल सकती है. यानी फिलहाल इसे किसी आसन्न आपदा की चेतावनी के बजाय भूकंप के जोखिम को समझने वाली महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारी के तौर पर देखा जाना चाहिए.
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