सूरत से जयपुर जा रही इंडिगो फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग, यात्री की अचानक बिगड़ी तबीयत

जयपुर एयरपोर्ट पर बुधवार शाम उस वक्त हलचल बढ़ गई, जब सूरत से जयपुर आ रही इंडिगो की फ्लाइट को मेडिकल इमरजेंसी के चलते सुरक्षित उतारना पड़ा.

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जयपुर एयरपोर्ट पर बुधवार शाम उस वक्त हलचल बढ़ गई, जब सूरत से जयपुर आ रही इंडिगो की फ्लाइट को मेडिकल इमरजेंसी के चलते सुरक्षित उतारना पड़ा. फ्लाइट संख्या 6E-6852 में सफर कर रहे एक यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ गई. विमान में ही यात्री को प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की गई, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर पायलट ने मेडिकल इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया. फ्लाइट ने शाम करीब 5:36 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की, जिसके बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी की मेडिकल टीम ने यात्री को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है.

यात्री की हालत बिगड़ने पर लिया गया फैसला

यात्री की तबीयत खराब होने के बाद फ्लाइट के केबिन क्रू ने तत्काल स्थिति को संभाला और जरूरी प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई. हालांकि, जब यात्री की हालत सामान्य नहीं हुई तो विमान को जल्द से जल्द नजदीकी उपयुक्त एयरपोर्ट पर उतारने का निर्णय लिया गया. मेडिकल इमरजेंसी के मामलों में पायलट एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी ATC को सूचना देता है और विमान की लैंडिंग को प्राथमिकता देने का अनुरोध करता है. इस दौरान एयरपोर्ट पर एम्बुलेंस और मेडिकल टीम को पहले से तैयार रखा जाता है, ताकि विमान के उतरते ही यात्री को बिना देरी इलाज मिल सके.

अकासा एयर की फ्लाइट को भी करनी पड़ी थी इमरजेंसी लैंडिंग

इससे पहले मुंबई से वाराणसी जा रही अकासा एयर की फ्लाइट QP-1429 में भी एक यात्री की तबीयत अचानक खराब होने के बाद विमान को मुंबई वापस लाना पड़ा था. फ्लाइट मंगलवार शाम करीब 5:15 बजे मुंबई से रवाना हुई थी और उड़ान के कुछ देर बाद सुनील कुमार जायसवाल नाम के यात्री की तबीयत बिगड़ गई. साथ सफर कर रहे यात्रियों ने इसकी जानकारी क्रू मेंबर्स को दी. उस वक्त विमान शिरडी के ऊपर था. स्थिति को देखते हुए पायलट ने मुंबई लौटने का फैसला किया और फ्लाइट की मेडिकल इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. इस वजह से विमान वाराणसी करीब दो घंटे की देरी से पहुंचा.

मेडिकल इमरजेंसी में ऐसे होती है फ्लाइट की लैंडिंग

विमान में किसी यात्री की गंभीर तबीयत बिगड़ने पर सबसे पहले केबिन क्रू स्थिति का आकलन करता है और उपलब्ध प्राथमिक चिकित्सा सहायता देता है. जरूरत पड़ने पर विमान में मौजूद किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की मदद भी ली जाती है. अगर स्थिति गंभीर हो तो पायलट ATC से संपर्क कर मेडिकल इमरजेंसी की जानकारी देता है और लैंडिंग के लिए प्राथमिकता मांगता है. इसके बाद एयरपोर्ट पर एम्बुलेंस और मेडिकल टीम को तैयार रखा जाता है. विमान के उतरते ही यात्री को मेडिकल स्टाफ के हवाले कर अस्पताल भेजा जाता है, ताकि इलाज में किसी तरह की देरी न हो.

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