Bihar Cabinet: बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की नई सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार सात मई को होने वाला है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हाल ही में दिल्ली गए थे और वहां उन्होंने मंत्रियों की सूची पार्टी आलाकमान को सौंपी थी. अब आलाकमान ने उस सूची को मंजूरी दे दी है. इसके बाद यह तय हो गया कि मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह गांधी मैदान में होगा. इस समारोह की तैयारियां पहले ही शुरू हो चुकी हैं.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरागवी ने बताया कि सात मई को गांधी मैदान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार किया जाएगा. इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी शामिल होंगे.
मंत्रिमंडल का स्वरूप
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस बार लगभग 30 मंत्रियों को शपथ दिलाने की तैयारी कर रहे हैं. इसमें भाजपा, जदयू, लोजपा और अन्य सहयोगी पार्टियों के मंत्री शामिल होंगे. गृह विभाग और विधानसभा अध्यक्ष का पद भाजपा अपने पास ही रखेगी. जदयू और अन्य सहयोगी पार्टियों ने कोई बड़ा बदलाव करने का इरादा नहीं जताया है.
पिछले साल नवंबर 2025 में जिन नेताओं ने शपथ ली थी, उनमें से कई को फिर से मौका मिलने की संभावना है. इस बार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संकेत दिए हैं कि वह अपनी टीम में नई ऊर्जा और विकास-केंद्रित दृष्टिकोण लाना चाहते हैं. उनके करीबी लोग इसे “नई विकास टीम” कह रहे हैं.
विजय सिन्हा और भूमिहार समाज की प्रतिक्रिया
पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा की कथित नाराजगी और भूमिहार समाज में उठ रहे असंतोष को ध्यान में रखते हुए पार्टी कोई बड़ा और चौंकाने वाला फैसला कर सकती है. हाल की घटनाओं और बयानों से यह साफ़ होता है कि सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के बीच सबकुछ ठीक नहीं है. भूमिहार समाज भी भाजपा पर आरोप लगा रहा है कि उनके नेता की अनदेखी की जा रही है.
दिलीप जायसवाल का राजनीतिक भविष्य
पूर्व मंत्री और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के भविष्य को लेकर भी सस्पेंस बना हुआ है. वह एमएलसी हैं और उनका कार्यकाल ज्यादा लंबा नहीं बचा है. उनके राजनीतिक महत्व को देखते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि उन्हें दोबारा मंत्री बनाया जा सकता है और भविष्य में उन्हें फिर से विधान परिषद भेजने की रणनीति बनाई जा सकती है.
नई टीम की दिशा
मंत्रिमंडल विस्तार और नई टीम के गठन के साथ बिहार में एक नई राजनीतिक दिशा बनने जा रही है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का उद्देश्य साफ है कि वह एक नई, मजबूत और विकास-केंद्रित टीम के साथ काम करना चाहते हैं. यह टीम न केवल नई ऊर्जा लेकर आएगी, बल्कि प्रदेश में विकास और सुशासन की दिशा में भी कदम बढ़ाएगी.
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