ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले के दौरान एक बार फिर पाकिस्तानी स्पिनर उस्मान तारिक के गेंदबाजी एक्शन को लेकर बहस छिड़ गई. ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन के एक इशारे ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना दिया. ग्रीन जब आउट होकर पवेलियन लौट रहे थे, तभी कैमरों में उनका एक इशारा कैद हुआ, जिसे कई लोगों ने तारिक के गेंदबाजी एक्शन पर सवाल उठाने के तौर पर देखा.
ग्रीन उस समय अच्छी लय में बल्लेबाजी कर रहे थे. उन्होंने 20 गेंदों पर 35 रन बनाए थे, लेकिन उस्मान तारिक की गेंद पर शादाब खान को कैच थमा बैठे. आउट होने के बाद डगआउट की ओर लौटते हुए ग्रीन ने जिस तरह का इशारा किया, उसे क्रिकेट प्रशंसकों के एक वर्ग ने “चकिंग” यानी अवैध एक्शन की ओर संकेत माना. इसके बाद यह क्लिप तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और बहस शुरू हो गई कि क्या तारिक का एक्शन सच में संदिग्ध है या यह सिर्फ एक हताश बल्लेबाज की प्रतिक्रिया थी.
सोशल मीडिया पर बंटी राय
इस घटना के बाद क्रिकेट फैंस दो गुटों में बंट गए. कुछ दर्शकों का मानना है कि ग्रीन को तारिक की गेंदें समझने में परेशानी हो रही थी और विकेट गंवाने की झुंझलाहट में उन्होंने ऐसा इशारा किया. वहीं, कई अन्य प्रशंसकों ने पुराने मामलों को याद करते हुए कहा कि तारिक के एक्शन पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, इसलिए ग्रीन की प्रतिक्रिया को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
Cameron Green after getting out was clearly indicating the straightening of usman tariq arm while bowling. Ffs ICC ban him he is chucking it is clearly against the rules of the game pic.twitter.com/lRwpINfDP9
— Mustafa (@mustafamasood0) January 31, 2026
पाकिस्तानी प्रशंसकों और कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने तारिक का समर्थन करते हुए कहा कि उनके एक्शन को पहले ही आधिकारिक रूप से सही ठहराया जा चुका है और बार-बार इस मुद्दे को उठाना खिलाड़ी के मनोबल पर असर डाल सकता है.
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
यह पहली बार नहीं है जब उस्मान तारिक के गेंदबाजी एक्शन को लेकर चर्चा हुई हो. इससे पहले पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के नौवें और दसवें सीजन के दौरान भी उनके एक्शन को लेकर संदेह जताया गया था. उन टूर्नामेंटों में भी कुछ बल्लेबाजों और विशेषज्ञों ने उनके एक्शन पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद मामला आधिकारिक जांच तक पहुंचा.
हालांकि, हर बार तारिक ने इन आरोपों का सामना किया और खुद को निर्दोष साबित किया. उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से मान्यता प्राप्त बायोमैकेनिक्स लैब में अपने एक्शन की जांच करवाई, जहां उनके एक्शन को नियमों के अनुरूप पाया गया.
बायोमैकेनिक्स टेस्ट में मिल चुकी है क्लीन चिट
30 वर्षीय उस्मान तारिक पहले ही साफ कर चुके हैं कि उनका गेंदबाजी एक्शन पूरी तरह वैध है. उन्होंने बताया था कि उनकी कोहनी का मोड़ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा तय 15 डिग्री की सीमा के भीतर है. तारिक के मुताबिक, उन्होंने पाकिस्तान में दो बार आधिकारिक परीक्षण पास किए हैं और हर बार उन्हें “क्लीन चिट” मिली है.
क्रिकेट के नियमों के अनुसार, किसी भी गेंदबाज के एक्शन को अवैध तभी माना जाता है जब कोहनी का मोड़ तय सीमा से ज्यादा हो. तारिक के मामले में अब तक की जांच में ऐसा कुछ भी सामने नहीं आया है, जिसके चलते वे अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजी करते रहे हैं.
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