होर्मुज की नाकेबंदी से पाकिस्तान में गैस संकट, दोगुनी कीमत पर खरीदने को मजबूर लोग, कंगाल होने की नौबत!

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है.

Blockade of Hormuz triggers gas crisis in Pakistan forced to buy at double the price
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

Pakistan Gas Crisis: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है. होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से कतर से आने वाली गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है. ऐसे में पहले से आर्थिक संकट झेल रहा पाकिस्तान अब रिकॉर्ड ऊंची कीमत पर गैस खरीदने को मजबूर हो गया है.

कतर से सस्ती गैस की सप्लाई रुकी

तनाव बढ़ने से पहले पाकिस्तान को कतर से लंबी अवधि के समझौते के तहत करीब 10 से 11 डॉलर प्रति mmBtu की कीमत पर LNG मिल रही थी. इससे देश में गैस की कोई बड़ी कमी नहीं थी और महंगे अंतरराष्ट्रीय स्पॉट मार्केट से खरीदने की जरूरत भी नहीं पड़ती थी.

लेकिन जैसे ही होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही प्रभावित हुई, कतर की गैस कंपनियों ने सप्लाई में दिक्कत की बात कही. समुद्री रास्ता प्रभावित होने के कारण पहले जैसी नियमित और सस्ती डिलीवरी संभव नहीं रह गई.

अब महंगी गैस खरीदने की मजबूरी

कतर से सप्लाई घटते ही पाकिस्तान में गैस की कमी होने लगी. हालात ऐसे बने कि सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्पॉट मार्केट से करीब 20.70 डॉलर प्रति mmBtu की कीमत पर गैस खरीदनी पड़ी. यह पहले की कीमत से लगभग दोगुनी है.

महंगी गैस खरीदने से पाकिस्तान पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया है. पहले से कर्ज में डूबे देश के लिए यह खर्च बड़ा बोझ माना जा रहा है.

बिजली संकट भी गहराया

गैस की कमी का असर बिजली उत्पादन पर भी पड़ा है. कई इलाकों में लंबे समय तक बिजली कटौती की खबरें सामने आ रही हैं. इसका असर उद्योगों और कारोबार पर भी पड़ रहा है, जिससे आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं.

कार्गो मंगाने के लिए जारी किया टेंडर

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकारी कंपनी पाकिस्तान LNG लिमिटेड ने 21-22 जुलाई को लगभग 1,40,000 क्यूबिक मीटर LNG कार्गो की सप्लाई के लिए पेट्रोचाइना इंटरनेशनल को टेंडर दिया है. इस कार्गो की कीमत 20.6999 डॉलर प्रति mmBtu तय की गई है.

बताया जा रहा है कि इस कार्गो को हासिल करने के लिए पाकिस्तान ने दूसरी कंपनियों की बोली से भी ज्यादा कीमत देने की पेशकश की. साल 2022 के बाद यह LNG खरीद की सबसे महंगी डील मानी जा रही है.

विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ेगा दबाव

विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी ऊंची कीमत पर गैस खरीदने से पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा. कतर पाकिस्तान के सबसे बड़े LNG सप्लायर देशों में शामिल है और उसका गैस निर्यात मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ही होता है. ऐसे में यदि यह संकट लंबे समय तक जारी रहा, तो पाकिस्तान की ऊर्जा और अर्थव्यवस्था दोनों पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है.

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