एक युद्धपोत शामिल हुआ नहीं कि दूसरा तैयार! INS मालवान से बढ़ेगी भारतीय नौसेना की ताकत

INS Malwan: भारतीय नौसेना लगातार अपने बेड़े को मजबूत कर रही है. स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट INS महेंद्रगिरि के शामिल होने के बाद अब एक और स्वदेशी युद्धपोत INS मालवान नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए तैयार है.

warship joined the fleet than another is ready INS Malvan set to boost the Indian Navy strength
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INS Malwan: भारतीय नौसेना लगातार अपने बेड़े को मजबूत कर रही है. स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट INS महेंद्रगिरि के शामिल होने के बाद अब एक और स्वदेशी युद्धपोत INS मालवान नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए तैयार है.

लगातार आधुनिक युद्धपोतों का निर्माण और नौसेना में शामिल होना दिखाता है कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. एक युद्धपोत के शामिल होने के बाद दूसरा पोत भी तैयार मिल रहा है.

क्या है INS मालवान?

INS मालवान एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) परियोजना का दूसरा युद्धपोत है. इसे कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने भारतीय नौसेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया है.

इस युद्धपोत में 80 प्रतिशत से ज्यादा स्वदेशी उपकरण और तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. यह भारत के आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है. 31 मार्च 2026 को इस युद्धपोत को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया था.

दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने में सक्षम

INS मालवान को खास तौर पर समुद्र के कम गहरे इलाकों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने के लिए बनाया गया है. इसके अलावा यह जहाज तटीय सुरक्षा, समुद्र के अंदर निगरानी, माइन वॉरफेयर, बचाव अभियान और अन्य समुद्री अभियानों में भी अहम भूमिका निभा सकता है. हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती पनडुब्बी गतिविधियों को देखते हुए ऐसे युद्धपोत भारतीय नौसेना की क्षमता को और मजबूत करेंगे.

आधुनिक हथियारों और तकनीक से लैस

करीब 80 मीटर लंबे INS मालवान का वजन लगभग 1,100 टन है. इसमें कई आधुनिक हथियार और तकनीक लगाई गई हैं. इस युद्धपोत में उन्नत सोनार सिस्टम, वैरिएबल डेप्थ सोनार, एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर, हल्के टॉरपीडो लॉन्चर, 30 मिमी नौसैनिक गन, आधुनिक रडार और कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम मौजूद हैं. इनकी मदद से यह समुद्र के अंदर छिपी पनडुब्बियों को खोजकर उन पर कार्रवाई करने में सक्षम है.

मालवान नाम क्यों रखा गया?

INS मालवान का नाम महाराष्ट्र के ऐतिहासिक तटीय शहर मालवन के नाम पर रखा गया है. यह इलाका छत्रपति शिवाजी महाराज की समुद्री विरासत और सिंधुदुर्ग किले के लिए प्रसिद्ध है. भारतीय नौसेना अपने कई युद्धपोतों के नाम देश के ऐतिहासिक और सामरिक महत्व वाले स्थानों के नाम पर रखती है.

नौसेना ने साझा की तस्वीरें

भारतीय नौसेना ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर INS मालवान की तस्वीरें साझा की हैं. इनमें जहाज की डिजाइन, हथियार प्रणाली और समुद्री परीक्षणों की झलक दिखाई गई है. नौसेना ने इसे स्वदेशी रक्षा निर्माण और आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है.

समुद्री ताकत बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम

INS महेंद्रगिरि के बाद INS मालवान का शामिल होना भारतीय नौसेना के आधुनिकीकरण की तेज रफ्तार को दिखाता है. सरकार लगातार स्वदेशी रक्षा निर्माण को बढ़ावा दे रही है. इसी का नतीजा है कि भारतीय शिपयार्ड अब लगातार आधुनिक युद्धपोत तैयार कर रहे हैं. आने वाले समय में ऐसे कई स्वदेशी पोत नौसेना के बेड़े में शामिल होंगे, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री सुरक्षा और पनडुब्बी रोधी क्षमता और मजबूत होगी.

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