ये सामान ऑनलाइन बेच कर फंस गया Blinkit, दिल्ली पुलिस ने FIR की दर्ज; जानें पूरा मामला

Blinkit FIR: ऑनलाइन किराना और रोजमर्रा का सामान पहुंचाने वाली कंपनी Blinkit एक बड़े कानूनी विवाद में घिर गई है. दिल्ली पुलिस ने कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया है और कार्रवाई करते हुए 50 अवैध बटन दबाकर खुलने वाले चाकू बरामद किए हैं.

Blinkit got into trouble for selling knives online Delhi Police filed an FIR learn the full story
Image Source: Social Media/ Symbolic

Blinkit FIR: ऑनलाइन किराना और रोजमर्रा का सामान पहुंचाने वाली कंपनी Blinkit एक बड़े कानूनी विवाद में घिर गई है. दिल्ली पुलिस ने कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया है और कार्रवाई करते हुए 50 अवैध बटन दबाकर खुलने वाले चाकू बरामद किए हैं.

यह कदम दिल्ली के ख्याला इलाके में हुई दो अलग-अलग हत्या की घटनाओं की जांच के बाद उठाया गया. पुलिस के अनुसार इन वारदातों में जिन चाकुओं का इस्तेमाल हुआ, वे इसी ऑनलाइन मंच से खरीदे गए थे.

जांच में सामने आई ऑनलाइन खरीद

दोनों हत्या मामलों की जांच के दौरान जब आरोपियों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने बताया कि उन्होंने वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू ऑनलाइन मंच ब्लिंकिट से मंगवाए थे. इस जानकारी के बाद पुलिस ने खुद ग्राहक बनकर उसी मंच से एक बटनदार चाकू मंगाया.

मंगाए गए चाकू की जांच की गई तो पाया गया कि उसकी लंबाई और चौड़ाई सरकार द्वारा तय मानकों से अधिक थी. कानून के अनुसार बटन दबाकर खुलने वाले चाकू प्रतिबंधित श्रेणी में आते हैं और उनकी बिक्री अपराध मानी जाती है. इस पुष्टि के बाद पुलिस ने ब्लिंकिट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली और औपचारिक जांच शुरू कर दी.

छापेमारी में 50 चाकू जब्त

कार्रवाई के तहत दिल्ली पुलिस ने शहर के कई ब्लिंकिट भंडार केंद्रों पर छापेमारी की. जांच के दौरान लगभग 50 अवैध चाकू बरामद किए गए. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये चाकू किस आपूर्तिकर्ता के जरिए मंच पर पहुंचे. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बिक्री की निगरानी किस तरह की जा रही थी और नियमों का पालन क्यों नहीं हुआ.

अन्य मंच भी जांच के दायरे में

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केवल ब्लिंकिट ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य ऑनलाइन आपूर्ति मंच भी जांच के घेरे में आ गए हैं. जरूरत पड़ने पर उन्हें भी नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है.

यह मामला ऑनलाइन मंचों पर बिकने वाले सामान की निगरानी और जिम्मेदारी को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है. आने वाले दिनों में इस मामले में और जानकारी सामने आ सकती है.

ये भी पढ़ें- जम्मू और कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी में किया कमाल, पहली बार फाइनल में बनाई जगह; आकिब नबी बने जीत के असली हीरो