Ranji Trophy Final: भारतीय घरेलू क्रिकेट में इस बार एक नई और यादगार कहानी लिखी गई है. जम्मू और कश्मीर की टीम ने इतिहास रचते हुए पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली है. यह उपलब्धि टीम ने सेमीफाइनल मुकाबले में मजबूत और अनुभवी खिलाड़ियों से सजी पश्चिम बंगाल की टीम को हराकर हासिल की.
सेमीफाइनल के इस मुकाबले में चौथी पारी में 126 रन का लक्ष्य सामने था. दबाव की स्थिति के बावजूद जम्मू-कश्मीर के बल्लेबाजों ने धैर्य दिखाया और 6 विकेट शेष रहते लक्ष्य पूरा कर लिया. इस जीत के साथ टीम ने नया इतिहास बना दिया.
🔊🔊🎯 HISTORY MADE :-
— Jinkswall188 (@jinkswall188) February 18, 2026
jammu and Kashmir #Ranji team reaches to finals in 67 years, after defeating Bengal. Aquib nabi dhar is the hero of season, match, deserve India call. JK deserves to win title way they have been playing red ball for past two seasons, defeating giants. pic.twitter.com/KEnFCZhuVW
आकिब नबी बने जीत के असली नायक
इस शानदार जीत के सबसे बड़े नायक आकिब नबी रहे. उन्हें लगातार दूसरे मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच का सम्मान दिया गया. उन्होंने पूरे मैच में कुल 9 विकेट लिए. पहली पारी में उन्होंने 5 विकेट लेकर बंगाल की बल्लेबाजी को झटका दिया.
दूसरी पारी में भी उन्होंने महत्वपूर्ण विकेट चटकाए और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. उनकी शानदार गेंदबाजी ने मैच का रुख बदल दिया. जब भी टीम को विकेट की जरूरत पड़ी, नबी ने आगे आकर जिम्मेदारी निभाई.
अब्दुल समद ने बल्ले से दिखाया दम
गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों ने कमाल दिखाया. अब्दुल समद ने पहली पारी में 82 रन की अहम पारी खेली. यह पारी टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में बहुत काम आई. दूसरी पारी में जब जीत के लिए रन चाहिए थे, तब उन्होंने नाबाद 30 रन बनाकर टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया. उनकी समझदारी और संयम ने टीम को दबाव में भी संभाले रखा.
मुकाबले में रहा जबरदस्त रोमांच
बंगाल की पहली पारी में सुदीप कुमार घरामी ने 146 रन की शानदार पारी खेली. उनकी इस पारी की बदौलत टीम ने 328 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया. इसके बाद मोहम्मद शमी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 8 विकेट लिए और बंगाल को 26 रन की बढ़त दिला दी. लेकिन जम्मू-कश्मीर ने हार नहीं मानी. अब्दुल समद के 82 रन और आकिब नबी के 42 रनों की मदद से टीम 300 के पार पहुंच गई.
दूसरी पारी में बंगाल की टीम मजबूत दिख रही थी, लेकिन जम्मू-कश्मीर के गेंदबाजों ने शानदार वापसी की. आकिब नबी ने 4 विकेट लिए, जबकि सुनील कुमार ने भी 4 बल्लेबाजों को आउट किया. बंगाल की पूरी टीम सिर्फ 99 रन पर सिमट गई.
नबी का लगातार शानदार प्रदर्शन
इससे पहले क्वार्टर फाइनल में भी आकिब नबी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था. मध्य प्रदेश के खिलाफ उन्होंने कुल 12 विकेट लिए थे. पहली पारी में 7 विकेट और दूसरी पारी में 5 विकेट लेकर उन्होंने टीम को जीत दिलाई थी. उस मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने 56 रन से जीत दर्ज की थी. उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन ने टीम को मजबूती दी है और फाइनल तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है.
दबाव में भी नहीं टूटी टीम
126 रन का लक्ष्य छोटा जरूर था, लेकिन सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में हर रन की कीमत होती है. बंगाल के गेंदबाजों ने पूरी कोशिश की, लेकिन जम्मू-कश्मीर के बल्लेबाजों ने धैर्य बनाए रखा. अंत में टीम ने 6 विकेट शेष रहते जीत हासिल कर ली. अब जम्मू-कश्मीर की नजर खिताब पर है.
फाइनल में उसका सामना कर्नाटक और उत्तराखंड के बीच चल रहे दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा. जम्मू-कश्मीर की टीम अब पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगी. अगर टीम इसी तरह खेलती रही, तो वह एक और नया इतिहास रच सकती है.
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