बलूचिस्तान के वाशुक जिले के माशकेल में बलूच लिबरेशन फ्रंट यानी BLF ने बड़े गुरिल्ला ऑपरेशन का दावा किया है. संगठन के मुताबिक, 29 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे उसके लड़ाकों ने माशकेल शहर की घेराबंदी शुरू की और पाकिस्तान के सुरक्षा ठिकानों को निशाना बनाया.
BLF ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने कुछ समय के लिए शहर के कई अहम हिस्सों पर नियंत्रण कर लिया था. संगठन ने पुलिस और कस्टम स्टेशनों पर कब्जे, फ्रंटियर कॉर्प्स के कैंप पर हमले और सुरक्षा वाहनों को निशाना बनाने की बात कही है.
हालांकि, पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इन दावों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
छह टीमों में बांटे गए थे लड़ाके
BLF के मुताबिक, पूरे ऑपरेशन को अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया था. संगठन का दावा है कि उसके लड़ाकों की छह टीमें बनाई गई थीं और हर टीम को अलग जिम्मेदारी दी गई थी.
सबसे पहले शहर के मुख्य रास्तों को बंद करने की बात कही गई. इसके बाद एक टीम ने कस्टम पुलिस स्टेशन को अपने कब्जे में लेने का दावा किया. BLF के अनुसार, वहां मौजूद कर्मचारियों को कुछ समय के लिए हिरासत में रखा गया और बाद में छोड़ दिया गया.
संगठन ने सरकारी दस्तावेज जलाने और एक कस्टम वाहन अपने कब्जे में लेने का भी दावा किया है.
सेना की टुकड़ी पर हमले का दावा
BLF ने कहा कि कस्टम स्टेशन की ओर पाकिस्तानी सेना की एक टुकड़ी पहुंची थी. संगठन के मुताबिक, उसके लड़ाकों ने इस टुकड़ी पर हमला किया.
इस हमले में चार सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने और दो के घायल होने का दावा किया गया है. BLF का कहना है कि इसके बाद सुरक्षा बलों को पीछे हटना पड़ा.
पुलिस स्टेशन पर भी कब्जे का दावा
ऑपरेशन के अगले हिस्से में माशकेल पुलिस स्टेशन को निशाना बनाने की बात कही गई है. BLF का दावा है कि उसके लड़ाकों ने स्टेशन पर कब्जा किया और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को हिरासत में ले लिया.
संगठन के मुताबिक, पुलिस स्टेशन से हथियार और दूसरी सामग्री अपने कब्जे में ली गई. बाद में पुलिसकर्मियों को छोड़ दिया गया और स्टेशन के आसपास से फ्रंटियर कॉर्प्स के मुख्य कैंप पर हमला शुरू किया गया.
फ्रंटियर कॉर्प्स कैंप पर हमला
BLF ने दावा किया कि फ्रंटियर कॉर्प्स के कैंप पर कई दिशाओं से हमला किया गया. संगठन के मुताबिक, कैंप के मुख्य गेट के पास मौजूद सुरक्षा चौकियों को निशाना बनाया गया.
हमले में एलएमजी, रॉकेट लॉन्चर और ग्रेनेड लॉन्चर के इस्तेमाल का दावा किया गया है. BLF के अनुसार, पांच फ्रंटियर कॉर्प्स जवान मारे गए और कई घायल हुए.
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने मोर्टार दागे, जिनमें से कुछ गोले रिहायशी इलाकों में गिरे.
सुरक्षा वाहनों को भी निशाना बनाने का दावा
BLF के मुताबिक, कमिश्नर हाउस के पास तीन फ्रंटियर कॉर्प्स वाहन लड़ाकों की ओर बढ़े. इनमें एक बख्तरबंद वाहन भी शामिल था.
संगठन का दावा है कि उसके लड़ाकों ने इन वाहनों पर हमला किया, जिसके बाद सुरक्षा बलों को पीछे हटना पड़ा. इस कार्रवाई में तीन और सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने और चार के घायल होने की बात कही गई है.
ड्रोन गिराने का भी दावा
माशकेल में कार्रवाई के दौरान BLF ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के ड्रोन और क्वाडकॉप्टर को भी निशाना बनाने का दावा किया.
संगठन के मुताबिक, एक सैन्य क्वाडकॉप्टर को मार गिराया गया. इसके अलावा एक और क्वाडकॉप्टर और निगरानी ड्रोन को नष्ट करने की बात कही गई है. बाद में एक और क्वाडकॉप्टर गिराने का दावा किया गया.
दूसरे सैन्य कैंप को घेरने का दावा
BLF ने माशकेल के एक दूसरे सैन्य कैंप को घेरने का भी दावा किया है. संगठन के अनुसार, इस कैंप के दो बंकरों पर रॉकेट और भारी हथियारों से हमला किया गया.
इस हमले में चार सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने और कई अन्य के घायल होने का दावा किया गया है. BLF के मुताबिक, लगातार हमलों के कारण सुरक्षा बल कैंप के अंदर बैरकों तक सीमित हो गए.
25 से ज्यादा मौतों का दावा
BLF के बयान में अलग-अलग हमलों में पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मियों के हताहत होने के आंकड़े दिए गए हैं. संगठन के इन दावों को जोड़ने पर 25 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने और कई लोगों के घायल होने की बात कही गई है.
हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पाकिस्तान की ओर से भी अभी इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
क्यों अहम है माशकेल?
माशकेल वाशुक जिले में स्थित है और इसकी भौगोलिक स्थिति के कारण यह इलाका सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है. बलूचिस्तान लंबे समय से पाकिस्तान सरकार और बलूच सशस्त्र संगठनों के बीच संघर्ष का केंद्र रहा है.
BLF पाकिस्तान से अलग स्वतंत्र बलूचिस्तान की मांग करने वाले सशस्त्र संगठनों में शामिल है. संगठन लंबे समय से पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बलों के खिलाफ हमले करता रहा है.
माशकेल में बताया गया यह ऑपरेशन भी इसी लंबे संघर्ष का हिस्सा माना जा रहा है. अगर BLF के दावों की पुष्टि होती है, तो यह इलाके में सुरक्षा ठिकानों पर एक साथ किए गए बड़े हमलों में शामिल होगा.
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