पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों पर एक और बड़ा हमला हुआ है. जियारत क्रॉस इलाके में घात लगाकर किए गए हमले में 18 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों की मौत की खबर है. सीएनएन-न्यूज18 के मुताबिक, इस हमले के पीछे प्रतिबंधित बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) की फतह स्क्वॉड का हाथ होने का दावा किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि एक ही हफ्ते में इस इलाके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर यह तीसरा बड़ा हमला है.
हमले के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है. पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने जियारत क्रॉस और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है. इसके बाद हमलावरों की तलाश में बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया गया.
हमले में 18 सुरक्षाकर्मियों की मौत
सीएनएन-न्यूज18 के मुताबिक, हमले में मारे गए 18 सुरक्षाकर्मियों की जानकारी वाली सूची भी सामने आई है. हालांकि, कुछ शवों की पहचान अभी पूरी नहीं हो पाई है. अधिकारियों के सामने पहचान की प्रक्रिया में मुश्किलें आ रही हैं, जिसके चलते इसमें समय लग रहा है.
हमले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा बलों ने इलाके में अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है और संदिग्ध ठिकानों की जांच की जा रही है.
इलाके में फिर बढ़ा तनाव
हमले के बाद पाकिस्तानी सेना ने जियारत क्रॉस और आसपास के इलाकों को घेर लिया. बड़ी संख्या में जवानों को तैनात कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुककर गोलीबारी की आवाजें सुनाई देने की बात भी सामने आई है.
सुरक्षा बलों का मुख्य मकसद उन हमलावरों को तलाशना है, जो हमले के बाद इलाके से निकल गए. इसके लिए आसपास के रास्तों और संवेदनशील इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई गई है.
फतह स्क्वॉड पर हमले का शक
इस हमले को प्रतिबंधित बलोच लिबरेशन आर्मी की फतह स्क्वॉड से जोड़कर देखा जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, इस दस्ते पर पहले भी सुरक्षा ठिकानों और सैन्य गतिविधियों से जुड़े स्थानों को निशाना बनाने के आरोप लगते रहे हैं.
बताया जाता है कि इस तरह के हमलों में अचानक हमला कर तेजी से इलाके से निकलने की रणनीति अपनाई जाती है. जियारत क्रॉस जैसे महत्वपूर्ण रास्ते पर लगातार हो रही घटनाएं पाकिस्तान के लिए बड़ी सुरक्षा चुनौती बनती जा रही हैं.
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