Sugar Mills In Bihar: बिहार में लंबे समय से बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को पटना स्थित 1 अणे मार्ग के संकल्प सभागार में ‘7 निश्चय पार्ट-3’ के तहत ‘समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार’ अभियान की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य की सभी बंद चीनी मिलों को जल्द से जल्द चालू कराने की प्रक्रिया शुरू की जाए.
मुख्यमंत्री का यह निर्देश विधानसभा में बंद चीनी मिलों का मुद्दा उठने के बाद सामने आया है. सरकार ने साफ संकेत दिया है कि पुरानी मिलों को दोबारा चालू कर चीनी उद्योग को नई रफ्तार दी जाएगी. मुख्यमंत्री के इस फैसले को किसानों और उद्योग जगत के लिए अहम कदम माना जा रहा है.
इन जिलों में बंद हैं चीनी मिलें
राज्य में कई प्रमुख जिलों की चीनी मिलें वर्षों से बंद पड़ी हैं. इनमें पश्चिम चंपारण के चनपटिया, पूर्वी चंपारण के बाराचकिया और मोतिहारी, गोपालगंज के सासामूसा, सारण के मढ़ौरा, मुजफ्फरपुर के मोतीपुर, समस्तीपुर जिले की समस्तीपुर मिल और दरभंगा के सकरी और रैयाम की चीनी मिलें शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि सासामूसा चीनी मिल को जल्द शुरू किया जा रहा है और बाकी मिलों को भी प्राथमिकता के आधार पर दोबारा चालू किया जाएगा.
किसानों और युवाओं को मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंद पड़ी चीनी मिलों के फिर से शुरू होने से गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिलेगा. किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए बेहतर बाजार मिलेगा और समय पर भुगतान की संभावना भी बढ़ेगी. साथ ही इन मिलों के चालू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे युवाओं को काम मिलेगा और पलायन पर भी अंकुश लगेगा.
नई चीनी मिलों की स्थापना पर भी जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं. उन्होंने कहा कि ‘7 निश्चय पार्ट-3’ के तहत औद्योगिक विकास को तेज गति से लागू किया जाए. इसके लिए एक्शन प्लान बनाकर चरणबद्ध तरीके से काम करने को कहा गया है.
बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बिहार को देश के विकसित राज्यों की सूची में शामिल करने के लक्ष्य के साथ योजनाओं को जमीन पर उतारा जाए. उद्योग, कृषि और रोजगार से जुड़ी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण इलाकों में भी विकास की रफ्तार तेज होगी.
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