Bihar News: बिहार के बेतिया से तस्करों की एक अनोखी और चौंकाने वाली कहानी सामने आई है, जिसने पुलिस के होश भी उड़ाकर रख दिए. शराब तस्करी के नए-नए तरीके देखने को मिल रहे हैं, लेकिन यहां मामला कुछ हटकर है. शराब की तस्करी अब इंसान के बजाय जानवरों के जरिए हो रही है. उत्तर प्रदेश से बिहार में शराब लाने के लिए तस्कर अब घोड़ों को अपना ‘सहारा’ बना रहे हैं. ऐसा नहीं कि घोड़े खुद ही भागे हों, बल्कि उन्हें शराब की पेटी लादकर दियारा इलाके के रास्ते रात के अंधेरे में सीमा पार करवाया जाता है.
घोड़ों को दी जाती थी खास ट्रेनिंग
नौतन थाना पुलिस ने एक खास अभियान के तहत इस अनोखी तस्करी का भंडाफोड़ किया है. 11 मार्च की रात गश्त के दौरान गंडक नदी के किनारे कुछ घोड़ों को शराब के कार्टन के साथ पकड़ लिया गया. ये घोड़े न केवल शराब की पेटी ले जाते थे, बल्कि उनके पीछे तस्करों की ऐसी योजना थी, जिसे जानकर हर कोई दंग रह गया. पुलिस ने पाया कि घोड़ों को पहले खास ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि वे बिना हिचकिचाए सही रास्ता पार कर सकें और बार-बार बिना पकड़े सीमा क्रॉस कर सकें.
पीठ पर शराब लटकाई जाती थी
घोड़े की पीठ पर चार पेटी विदेशी शराब लदकर यूपी से बिहार लाई जा रही थी. हालांकि इस तस्करी के पीछे के मास्टरमाइंड अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, लेकिन घोड़ों को पकड़ने के बाद पुलिस ने उनके रास्तों का भी पता लगाया है. यह जानकारी भी मिली है कि कुछ घोड़े नदी पार कर आगे निकल चुके हैं, जो इस तस्करी की गहरी साजिश का हिस्सा हो सकते हैं.
"सीमावर्ती इलाकों में निगरानी तेज"
सीमावर्ती इलाकों में अब घोड़ों की खरीद-फरोख्त भी बढ़ने लगी है. दिन में ये जानवर गांवों की शोभा बढ़ाते हैं, लेकिन रात में इन्हें तस्करी के लिए इस्तेमाल किया जाता है. पुलिस इस नए तरीके को लेकर सतर्क है और तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में लगी है. एसपी डॉ. शौर्य सुमन ने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में निगरानी तेज कर दी गई है ताकि इस तरह की तस्करी पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके.
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