Bihar Mahila Yojana: बिहार सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है. इसी कड़ी में अब सरकार ने एक और अहम फैसला लिया है, जिसके तहत महिलाओं को छोटे स्तर से आगे बढ़कर बड़े पैमाने पर रोजगार शुरू करने का मौका मिलेगा. राज्य सरकार अब महिलाओं को पहले दी गई आर्थिक सहायता के बाद बैंकों के माध्यम से 10 लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध कराने की तैयारी में है.
इस योजना को लेकर बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया है कि राज्य की जीविका दीदियां, जो बड़े स्तर पर अपना रोजगार या व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं, उन्हें बैंकों से 10 लाख रुपये तक का कर्ज दिया जाएगा. इस लोन पर महिलाओं को केवल 7 प्रतिशत ब्याज देना होगा, ताकि उन पर ज्यादा आर्थिक दबाव न पड़े और वे बिना किसी चिंता के अपना काम आगे बढ़ा सकें. सरकार का मानना है कि इससे महिलाएं छोटे व्यवसायों से निकलकर बड़े उद्यमों की ओर कदम बढ़ा सकेंगी.
पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेगा लाभ
मंत्री श्रवण कुमार ने यह भी बताया कि इस योजना का लाभ “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर दिया जाएगा. यानी जो महिलाएं समय पर आवेदन करेंगी और पात्रता की शर्तों को पूरा करेंगी, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी. सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इच्छुक और मेहनती महिलाएं इस योजना का अधिकतम फायदा उठा सकें.
पहले दी गई थी 10 हजार रुपये की सहायता
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई थी. इस सहायता का मकसद महिलाओं को स्वरोजगार की शुरुआत करने के लिए प्रोत्साहित करना था. अब सरकार इस योजना की समीक्षा करने जा रही है, ताकि यह देखा जा सके कि किन महिलाओं ने इस राशि का उपयोग कर अपना रोजगार शुरू किया है और कौन आगे भी इसे बढ़ाना चाहती हैं.
आगे बढ़ने वाली महिलाओं को मिलेगी अतिरिक्त मदद
सरकार ने यह भी तय किया है कि जिन महिलाओं ने पहले मिली सहायता से अपना काम शुरू कर लिया है और अब उसे आगे बढ़ाना चाहती हैं, उन्हें 2 लाख रुपये की अतिरिक्त मदद दी जाएगी. इसके साथ ही, बड़े स्तर पर काम करने की इच्छुक महिलाओं को 7 प्रतिशत ब्याज दर पर 10 लाख रुपये तक का लोन देने की व्यवस्था की जा रही है. इससे महिलाओं का व्यवसाय सिर्फ छोटे स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वे बड़े पैमाने पर भी अपना रोजगार खड़ा कर सकेंगी.
दस्तावेज पूरे होते ही खाते में पहुंचेगी राशि
मंत्री श्रवण कुमार ने यह भी साफ किया कि जिन महिलाओं के बैंक खाते में अब तक 10 हजार रुपये की राशि नहीं पहुंची है, उनके मामलों की जांच की जाएगी. अगर किसी तकनीकी समस्या या दस्तावेजों की कमी के कारण पैसा नहीं पहुंच पाया है, तो उसे दूर किया जाएगा. सभी जरूरी कागजात पूरे होने के बाद संबंधित महिलाओं के खाते में राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी.
महिलाओं के लिए अहम साबित होगी यह योजना
सरकार की यह पहल बिहार की महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इससे न सिर्फ महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी, बल्कि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की आर्थिक स्थिति को भी बेहतर बना सकेंगी. सरकार का लक्ष्य है कि महिलाएं रोजगार की तलाश करने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बनें.
ये भी पढ़ें- अपर मुख्य सचिव इकबाल सिंह चहल ने टाटा मुंबई हाफ मैराथन 2 घंटे 14 मिनट में की पूरी, साल 2004 से ले रहे हैं हिस्सा