Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का विकराल रूप, छपरा में टूटा माही नदी का बांध, 25 गांवों में घुसा पानी

बिहार में बाढ़ का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है. छपरा के दरियापुर प्रखंड में रविवार सुबह माही नदी का बांध टूटने से करीब 25 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए.

Bihar Floods Mahi River embankment breaches in Chhapra water enters 25 villages
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Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है. छपरा के दरियापुर प्रखंड में रविवार सुबह माही नदी का बांध टूटने से करीब 25 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए. घोरहू कोठिया के पास बांध पानी के तेज दबाव को नहीं झेल सका और उसका एक हिस्सा टूट गया. इसके बाद नदी का पानी तेजी से आसपास के इलाकों में फैलने लगा.

खेतों और निचले इलाकों में पानी भरने से ग्रामीणों में डर का माहौल है. स्थानीय लोगों के अनुसार, बांध पर कई दिनों से पानी का दबाव बना हुआ था. सुबह अचानक बांध टूटने के बाद पानी का बहाव तेज हो गया. सूचना मिलते ही जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे. प्रशासन ने स्थिति का जायजा लेकर बांध की मरम्मत का काम शुरू करा दिया है. राहत और बचाव टीमों को भी तैयार रखा गया है.

वहीं, मुंगेर में गंगा खतरे के निशान से करीब 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. पुनपुन और गंडक नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है. नदियों का पानी बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का असर तेजी से फैल रहा है. प्रशासन की टीमें लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने और राहत देने में जुटी हैं.

छपरा में बांध टूटने से 25 गांव प्रभावित

छपरा में बाढ़ की स्थिति अचानक और गंभीर हो गई है. दरियापुर प्रखंड में घोरहू मठिया के पास माही नदी का बांध टूटने से पानी आसपास के इलाकों में फैल गया. करीब 25 गांव इसकी चपेट में बताए जा रहे हैं. पानी बढ़ने के साथ ग्रामीणों की परेशानी भी बढ़ गई है.

घटना की जानकारी मिलते ही डीएम वैभव श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और अधिकारियों के साथ हालात का जायजा लिया. प्रशासन की टीम टूटे बांध की मरम्मत में जुट गई है, ताकि पानी के बहाव को नियंत्रित किया जा सके.

मुंगेर में गंगा खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर

मुंगेर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और नदी खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. बाढ़ का पानी शहर और आसपास के इलाकों तक पहुंच गया है. नगर निगम के वार्ड 40, 41 और 42 के करबला, कासिम बाजार और चूआबाग में बड़ी आबादी प्रभावित हुई है.

कई घरों में तीन फीट तक पानी भर गया है. कुछ जगहों पर लोगों को मुख्य सड़क से अपने घरों तक पहुंचने के लिए अस्थायी नावों का सहारा लेना पड़ रहा है. कई परिवारों ने पानी से बचने के लिए घरों की छतों पर शरण ली है, जबकि कच्चे मकानों में रहने वाले कुछ परिवारों को सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा है.

भोजपुर में 57 सामुदायिक रसोई और 238 नावें तैनात

भोजपुर में बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं. जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिले में 57 सामुदायिक रसोई चल रही हैं. लोगों को सुरक्षित निकालने और आने-जाने के लिए 238 नावें लगाई गई हैं.

आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए तीन नाव एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं. प्रभावित क्षेत्रों में 25 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं, जहां अब तक 2,574 लोगों का इलाज किया जा चुका है. पशुओं के इलाज के लिए छह चिकित्सा शिविर भी बनाए गए हैं. प्रशासन की ओर से लोगों के लिए राहत सामग्री और पशुओं के चारे की व्यवस्था भी की जा रही है.

आरा शहर में घुसा बाढ़ का पानी

भोजपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने का असर अब आरा शहर में भी दिखने लगा है. आरा-बक्सर सड़क पर करीब तीन से चार फीट तक पानी बह रहा है, जिससे इस रास्ते पर आवाजाही प्रभावित हुई है. कई इलाकों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है.

सड़क पर पानी का बहाव तेज होने के बावजूद कुछ लोग जरूरी काम से आने-जाने की कोशिश कर रहे हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब 13 साल बाद आरा में इस तरह के हालात बने हैं. लगातार बढ़ते पानी ने शहर और आसपास के लोगों की चिंता बढ़ा दी है.

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