सीएम नीतीश कुमार ने 25 लाख महिलाओं के बैंक खातों में भेजे 10-10 हजार रुपये, पटना में JDU ने लगाए पोस्टर

Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana: बिहार में‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है. योजना में हर परिवार की एक महिला को पहले 10 हजार रुपये देने और छह महीने बाद दो लाख रुपये देने का प्रावधान रखा गया है.

Bihar CM Nitish Kumar sent Rs 10000 each to the bank accounts of 25 lakh women JDU put up posters Patna
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Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana: बिहार में‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है. योजना में हर परिवार की एक महिला को पहले 10 हजार रुपये देने और छह महीने बाद दो लाख रुपये देने का प्रावधान रखा गया है. सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 25 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किए. 

सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक कुल 18,100 करोड़ रुपये महिला लाभार्थियों के खातों में भेजे जा चुके हैं. सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है. जिन महिलाओं को पहले 10 हजार रुपये मिल चुके हैं, वे अब दो लाख रुपये की अगली राशि का इंतजार कर रही हैं.

पटना में लगा पोस्टर, दो लाख देने की प्रक्रिया शुरू

जनता दल यूनाइटेड की ओर से पटना के वीरचंद पटेल पथ पर एक बड़ा पोस्टर लगाया गया है. पोस्टर में लिखा है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत हर परिवार की एक महिला को दो लाख रुपये देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. पोस्टर पर “बढ़ेगी महिला, बढ़ेगा बिहार” का नारा भी लिखा है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर लगाई गई है.

चार किस्तों में मिलेंगे दो लाख रुपये

सरकार ने साफ किया है कि दो लाख रुपये एक साथ नहीं दिए जाएंगे. यह राशि चार चरणों में मिलेगी. पहले चरण में 20 हजार रुपये सरकार देगी और महिला को 5 हजार रुपये खुद लगाने होंगे. दूसरे चरण में 40 हजार रुपये सरकार देगी और 10 हजार रुपये महिला को खुद देने होंगे. 

तीसरे चरण में 80 हजार रुपये सरकार की ओर से मिलेंगे, जिसमें 20 हजार रुपये महिला को स्वयं लगाने होंगे. चौथे और अंतिम चरण में 60 हजार रुपये मार्केटिंग, ब्रांडिंग और पैकेजिंग के लिए दिए जाएंगे.

कुछ शर्तें भी जरूरी

योजना के तहत महिलाओं को अपने समूह की बैठकों में नियमित रूप से शामिल होना होगा. उन्हें आय और खर्च का पूरा हिसाब रखना होगा. साथ ही हर महीने छोटी राशि ही सही, लेकिन एफडी या आरडी करना अनिवार्य किया गया है. सरकार का कहना है कि इन नियमों के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और जिम्मेदार बनाने की कोशिश की जा रही है.

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