बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया और मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई अहम विभागों का नियंत्रण स्वयं अपने पास रखा है, जिनमें गृह मंत्रालय भी शामिल है। डिप्टी सीएम विजय चौधरी को जल संसाधन और संसदीय कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं, जबकि विजेंद्र प्रसाद यादव को वित्त और वाणिज्य-कर जैसे विभाग मिले हैं। इसके अलावा, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अब राज्य के स्वास्थ्य विभाग के मंत्री होंगे।
बिहार कैबिनेट में विभागों का बंटवारा
सम्राट चौधरी: सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, सिविल विमानन एवं ऐसे सभी विभाग जो किसी को आवंटित नहीं हैं.
विजय कुमार चौधरी: जल संसाधन, संसदीय कार्य.
विजेंद्र प्रसाद यादव: वित्त, वाणिज्य-कर.
श्रवण कुमार: ग्रामीण विकास, सूचना एवं जन-संपर्क.
विजय कुमार सिन्हा: कृषि.
डॉ दिलीप कुमार जायसवाल: राजस्व एवं भूमि.
निशांत कुमार: स्वास्थ्य.
लेसी सिंह: भवन निर्माण.
राम कृपाल यादव: सहकारिता.
नीतिश मिश्रा: नगर विकास एवं आवास, सूचना प्रौद्योगिकी.
दामोदर रावत: परिवहन.
संजय सिंह टाइगर: उच्च शिक्षा, विधि.
अशोक चौधरी: खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण.
भगवान सिंह कुशवाहा: योजना एवं विकास.
अरुण शंकर प्रसाद: श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास.
मदन सहनी: मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन.
संतोष कुमार सुमन: लघु जल संसाधन.
रमा निषाद: पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण.
रलेश सादा: आपदा प्रबंधन.
कुमार शैलेन्द्र: पथ निर्माण.
शीला कुमारी: विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा.
केदार प्रसाद गुप्ता: पर्यटन.
रत्नेश कुमार रौशन: अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण.
सुनील कुमार: ग्रामीण कार्य.
श्रेयसी सिंह: उद्योग, खेल.
जमा खान: अल्पसंख्यक कल्याण.
नरेंद्र शेर राम: डेयरी, मत्स्य पशु संसाधन.
शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल: ऊर्जा.
प्रमोद कुमार: खान एवं भूतत्व, कला एवं संस्कृति.
स्वीटी गुप्ता: समाज कल्याण.
मिथिलेश तिवारी: शिक्षा.
रामचन्द्र प्रसाद: पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन.
संजय कुमार सिंह: लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण.
संजय कुमार: गन्ना उद्योग.
दीपक प्रकाश: पंचायती राज.
सामाजिक और जातीय संतुलन का ख्याल
मंत्रिमंडल विस्तार में सामाजिक और जातीय संतुलन को विशेष ध्यान में रखा गया है। शपथ लेने वाले मंत्रियों में 7 अन्य पिछड़ा वर्ग और 9 अत्यंत पिछड़ा वर्ग से हैं। इसके अलावा 2 ब्राह्मण, 2 भूमिहार और 3 राजपूत समुदाय के मंत्री शामिल किए गए हैं। दलित समाज के लिए 7 मंत्री चुने गए हैं, जबकि चिराग पासवान की पार्टी से 1 राजपूत और 1 दलित नेता को भी मंत्रिपद मिला है।
राजनीति की नई पीढ़ी और परिवार की विरासत
मंत्रिमंडल में तीन ऐसे चेहरे शामिल हैं, जिनके पिता पहले बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इसमें निशांत कुमार (नीतीश कुमार के पुत्र), नीतीश मिश्रा (जगन्नाथ मिश्रा के पुत्र) और संतोष कुमार सुमन (जीतन राम मांझी के पुत्र) शामिल हैं। यह संकेत देता है कि बिहार में राजनीतिक परिवारों का प्रभाव अभी भी मजबूत है।
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