Bihar Development Package: बिहार सरकार ने राज्य के बुनियादी ढांचे, ग्रामीण विकास, शिक्षा, उद्योग और परिवहन को नई दिशा देने के उद्देश्य से कई अहम फैसले लिए हैं. कैबिनेट बैठक में कुल 29 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनका मकसद विकास परियोजनाओं को तेज गति देना और आम लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है. सरकार का मानना है कि इन निर्णयों से गांवों से लेकर शहरों तक आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
ग्रामीण विकास के लिए 51,923 करोड़ रुपये की बड़ी मंजूरी
कैबिनेट की सबसे अहम घोषणा 16वें वित्त आयोग के तहत वर्ष 2026-31 के लिए 51,923 करोड़ रुपये की स्वीकृति रही. इस राशि का उपयोग पंचायतों, ग्रामीण सड़कों, पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर किया जाएगा. सरकार का कहना है कि इस निवेश से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी और गांवों में विकास कार्यों की गति तेज होगी.
सड़क, पुल और परिवहन व्यवस्था को मिलेगा नया रूप
राज्य में सड़क और पुल निर्माण परियोजनाओं को गति देने के लिए बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) को 15 हजार करोड़ रुपये और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (BRPNNL) को 6 हजार करोड़ रुपये तक वित्तीय संसाधन जुटाने की अनुमति दी गई है. इसके साथ ही बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के 31 बस डिपो और बस स्टैंड का सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत आधुनिकीकरण किया जाएगा. इन परियोजनाओं का उद्देश्य यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना और राज्य की परिवहन व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाना है.
उद्योग, रोजगार और किसानों के लिए कई अहम फैसले
सरकार ने औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 की अवधि बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 तक कर दी है, ताकि राज्य में नए उद्योग स्थापित हों और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकें. वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) के तहत अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी भुगतान और नई संस्थागत व्यवस्था को मंजूरी दी गई. कृषि क्षेत्र में भी सरकार ने गन्ना यंत्रीकरण योजना और मुख्यमंत्री गन्ना विकास कार्यक्रम के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति दी है, जिससे आधुनिक तकनीक के जरिए किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है.
पर्यटन, शहरी विकास और एयरपोर्ट परियोजनाओं को भी बढ़ावा
राज्य सरकार ने धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया है. 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के आयोजन के लिए 2.5 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जबकि बक्सर स्थित भगवान वामन मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण को भी हरी झंडी मिली है. राजधानी पटना में शहरी परियोजनाओं के लिए नगर निगम को 200 करोड़ रुपये तक के नगर बॉन्ड जारी करने की अनुमति दी गई है. वहीं, बीरपुर हवाई अड्डे के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण हेतु 29.56 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे इस परियोजना को गति मिलने की उम्मीद है.
पांच जिलों में खुलेंगे केंद्रीय विद्यालय
कैबिनेट ने शिक्षा क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मधुबनी, पूर्णिया पूर्व, राजगीर (नालंदा), शेखपुरा और मधेपुरा में नए केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने के लिए प्रत्येक जिले में पांच-पांच एकड़ सरकारी भूमि निशुल्क उपलब्ध कराने का फैसला किया है. सरकार का मानना है कि इससे इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक उनकी पहुंच आसान होगी. कुल मिलाकर, कैबिनेट के इन फैसलों को बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, कृषि, उद्योग और ग्रामीण विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
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