बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी है. सरकार ने बाढ़ से सुरक्षा, सिंचाई, कृषि, हवाई कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े फैसले किए हैं. मंगलवार को हुई बैठक में कुल 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इनमें जल संसाधन विभाग को 1,000 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि देने से लेकर ईंट-भट्ठा कारोबारियों को बकाया भुगतान में राहत देने तक के फैसले शामिल हैं.
जल संसाधन विभाग को मिले 1,000 करोड़ रुपये
बिहार सरकार ने बाढ़ सुरक्षा, सिंचाई और जल-जीवन-हरियाली से जुड़े कामों को रफ्तार देने के लिए जल संसाधन विभाग को आकस्मिकता निधि से अग्रिम के तौर पर 1,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का फैसला किया है. इस राशि का इस्तेमाल राज्य योजना के तहत बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों, प्रगति यात्रा से जुड़े प्रोजेक्ट, सिंचाई परियोजनाओं और दूसरी महत्वपूर्ण योजनाओं में किया जाएगा. सरकार का फोकस इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने पर है.
ईंट-भट्ठा कारोबारियों को 240 करोड़ के बकाये में राहत
कैबिनेट ने ईंट-भट्ठा कारोबारियों के लिए एकमुश्त समाधान योजना को भी मंजूरी दी है. वित्तीय वर्ष 2024-25 तक कारोबारियों पर करीब 240 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसके लिए नीलाम पत्र वाद दायर किए गए हैं. नई व्यवस्था के तहत अगर संबंधित कारोबारी ब्याज को छोड़कर मूल बकाया राशि जमा कर देता है, तो उसके खिलाफ मांग को बकाया नहीं माना जाएगा. यह योजना तीन महीने तक प्रभावी रहेगी.
छोटे शहरों तक बढ़ेगी हवाई कनेक्टिविटी
बिहार में हवाई सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है. नागर विमानन मंत्रालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और राज्य सरकार के बीच समझौता पत्र को मंजूरी दी गई है. इसके तहत नए हवाई मार्गों को वित्तीय सहायता दी जाएगी और कम यात्री मांग वाले रूट भी शुरुआती चरण में संचालित किए जा सकेंगे. आकांक्षी जिलों में हेलीपोर्ट विकसित करने की योजना भी है. सरकार को उम्मीद है कि इससे पर्यटन, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
मखाना किसानों को मिलेगा बढ़ावा
वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्रीय क्षेत्र की मखाना विकास योजना के लिए 89.80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. इस योजना के तहत मखाना उत्पादन, बीज, प्रशिक्षण, प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन, ब्रांडिंग, बाजार, निर्यात और प्रमाणन पर काम किया जाएगा. इसका उद्देश्य किसानों, व्यापारियों और एफपीओ की आय बढ़ाना है.
पांच मेडिकल कॉलेजों में 366 सहायक प्राध्यापक नियुक्त होंगे
राज्य के पांच राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के 366 रिक्त पदों पर संविदा नियुक्ति को मंजूरी दी गई है. नियमित नियुक्ति होने तक यह व्यवस्था जारी रहेगी. इससे मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करने और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मानकों के अनुरूप फैकल्टी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. इसके अलावा पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना में पैरावेट स्कूल की स्थापना के लिए छह पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है.
चार जेलों की जमीन पर खुलेंगे पेट्रोल पंप
बिहार की चार काराओं की खाली जमीन का इस्तेमाल अब पेट्रोल पंप के लिए किया जाएगा. पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में इंडियन ऑयल, जबकि बक्सर और भागलपुर में हिंदुस्तान पेट्रोलियम पेट्रोल पंप स्थापित और संचालित करेगा. इसके लिए कारा पेट्रोल पंप परिचालन नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी गई है.
बागवानी और खाद्य तेल उत्पादन पर भी जोर
कैबिनेट ने नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-पाम ऑयल योजना के कार्यान्वयन के लिए 2.10 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. वहीं बागवानी विकास मिशन के लिए 78.34 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. इसके साथ ही बिहार जिला खनिज फाउंडेशन नियमावली-2026 को भी मंजूरी मिली है.
सूचना आयोग में बढ़ेंगे पद
राज्य सूचना आयोग में राज्य सूचना आयुक्त के दो अतिरिक्त पद अगले आदेश तक सृजित करने की स्वीकृति दी गई है. इसके अलावा राजकीय डेंटल कॉलेज और अस्पतालों में नियमित नियुक्ति होने तक प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, रीडर और व्याख्याता के रिक्त पदों पर संविदा के आधार पर नियोजन को मंजूरी दी गई है. कैबिनेट ने विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) से जुड़े शिकायत निवारण नियमावली को भी स्वीकृति दी है.
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