Bihar Assembly: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार का दिन कई महत्वपूर्ण फैसलों का गवाह बना. सदन की दूसरी पाली की कार्यवाही के दौरान राज्य सरकार से जुड़े सात अहम विधेयकों को मंजूरी दे दी गई. इनमें जुआ प्रतिबंध कानून से लेकर जीएसटी संशोधन, भूमि सुधार, चिकित्सा और चीनी उद्योग से जुड़े विधेयक शामिल हैं. खास बात यह रही कि बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026 को सभी दलों की सहमति से सर्वसम्मति से पारित किया गया.
इन विधेयकों के पारित होने के बाद अब इन्हें राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. राज्यपाल की स्वीकृति मिलते ही ये सभी कानून के रूप में लागू हो जाएंगे. सरकार का कहना है कि इन नए प्रावधानों से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी और राज्य के विकास कार्यों के लिए राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी.
विधानसभा में सात विधेयकों पर लगी मुहर
मंगलवार को विधानसभा में जिन सात विधेयकों को पारित किया गया, उनमें बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026, बिहार माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026, बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजनों के लिए सम्परिवर्तन) (निरसन) विधेयक, 2026, बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026, बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक, 2026, बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 और बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) (संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल हैं. इन सभी विधेयकों को सोमवार को सदन में वितरित किया गया था, जिसके बाद मंगलवार को चर्चा और प्रक्रिया पूरी कर इन्हें पारित कर दिया गया.
दाखिल-खारिज के लिए अब देना होगा 200 रुपये शुल्क
बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026 के पारित होने के बाद राज्य में जमीन के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में बदलाव होगा. अब इसके लिए लोगों को 200 रुपये शुल्क देना होगा. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने इस विधेयक को सदन में पेश किया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार विकास योजनाओं पर काम कर रही है और इसके लिए राजस्व में बढ़ोतरी जरूरी है. विपक्ष द्वारा शुल्क बढ़ाने को लेकर सवाल उठाए जाने पर मंत्री ने कहा कि गरीब वर्ग के लोगों को सरकार जमीन उपलब्ध करा रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोक कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से भूमिहीनों को सहायता दे रही है.
15 अगस्त को 30 हजार भूमिहीनों को मिलेगा बासगीत पर्चा
राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने विधानसभा में जानकारी दी कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी राज्य के करीब 30 हजार भूमिहीन परिवारों को बासगीत पर्चा सौंपेंगे. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को जमीन का अधिकार देना और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्थायी आवास उपलब्ध कराना है. इसके लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है.
नया जुआ कानून ऑनलाइन सट्टेबाजी पर भी लगाएगा लगाम
बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026 विधानसभा में सबसे ज्यादा चर्चा वाला विधेयक रहा. उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने इसे सदन में पेश किया और बताया कि पुराने 1867 के कानून को खत्म कर नया कानून लाया गया है. उन्होंने कहा कि नए कानून का उद्देश्य केवल जुआ खेलने वालों पर कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि जुआघर चलाने वाले संचालकों, प्रबंधकों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टेबाजी कराने वालों पर भी सख्ती करना है.
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून का दुरुपयोग रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे. विपक्ष की ओर से पुलिस कार्रवाई के गलत इस्तेमाल की आशंका जताई गई थी, जिस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस पर नजर रखेगी.नए कानून के लागू होने के बाद पुलिस को ऑफलाइन जुआघर, सट्टेबाजी और ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट व एप के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार मिलेगा. सार्वजनिक स्थानों पर जुआ खेलते पकड़े जाने पर पुलिस बिना वारंट तलाशी और गिरफ्तारी कर सकेगी.
दूसरे राज्यों के डॉक्टर और नर्स बिहार में कर सकेंगे प्रैक्टिस
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक, 2026 और बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया. इस संशोधन के बाद देश के दूसरे राज्यों में पंजीकृत डॉक्टर और नर्स बिहार में स्व-प्रमाणन प्रमाणपत्र के आधार पर प्रैक्टिस कर सकेंगे. इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले पेशेवरों के लिए प्रक्रिया आसान हो जाएगी. सरकार ने बताया कि पहले दूसरे राज्य से पंजीकरण कराने वाले डॉक्टरों और नर्सों को बिहार में काम करने के लिए अलग से पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी. अब इस व्यवस्था को सरल बनाया गया है. हालांकि, चिकित्सा क्षेत्र में किसी भी तरह के कदाचार या नियम उल्लंघन की स्थिति में पंजीकरण रद्द करने का प्रावधान भी रखा गया है.
जीएसटी संशोधन विधेयक को भी मिली मंजूरी
उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बिहार माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 विधानसभा में पेश किया. उन्होंने कहा कि यह विधेयक जीएसटी काउंसिल की सिफारिशों के आधार पर लाया गया है. सरकार के अनुसार, इस संशोधन से राज्य में कर व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. इससे व्यापारियों और आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए जीएसटी प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा.
चीनी उद्योग से जुड़े कानून में भी संशोधन
गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) (संशोधन) विधेयक, 2026 सदन में पेश किया. इस विधेयक के जरिए राज्य के चीनी उद्योग से जुड़े प्रावधानों में बदलाव किया गया है. सरकार का मानना है कि इन संशोधनों से चीनी उद्योग को बेहतर तरीके से संचालित करने और इससे जुड़े मामलों को अधिक प्रभावी ढंग से निपटाने में मदद मिलेगी.
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