TRE-4 Bihar: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा हुई. खासकर डॉ. भीमराव आंबेडकर आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया. सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ने स्कूलों में खाली पदों और पढ़ाई की स्थिति पर सवाल उठाए.
जेडीयू विधायक ने उठाया सवाल
जेडीयू विधायक श्याम रजक ने कहा कि डॉ. बीआर आंबेडकर आवासीय विद्यालयों में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली हैं. उनका कहना था कि जब इतने पद खाली हैं, तो बच्चों को अच्छी शिक्षा कैसे मिलेगी. उन्होंने सरकार से जल्द भर्ती करने की मांग की.
सरकार ने क्या कहा?
जवाब में मंत्री लखेंद्र कुमार ने बताया कि राज्य में 91 डॉ. बीआर आंबेडकर विद्यालय चल रहे हैं. इनमें कई शिक्षकों के पद अभी भी खाली हैं. उन्होंने कहा कि इन पदों को भरने के लिए टीआरई-4 (TRE-4) भर्ती के तहत प्रस्ताव बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेजा जाएगा.
मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मुद्दे को गंभीर बताया. उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि जहां तुरंत नई भर्ती संभव नहीं है, वहां एक महीने के अंदर प्रतिनियुक्ति के जरिए शिक्षकों की व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो.
विपक्ष ने भी उठाए सवाल
राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था में कई कमियां हैं. उनका दावा था कि कई बच्चे छठी कक्षा तक पहुंचने के बाद भी ठीक से एबीसीडी नहीं जानते. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ स्कूलों में बहुत कम कमरों में बड़ी संख्या में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है. उन्होंने सुझाव दिया कि शिक्षा व्यवस्था पर सभी विधायकों की एक विशेष बैठक हो, ताकि स्कूलों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की जा सके.
स्कूलों के लिए जमीन की भी कमी
सदन में यह मुद्दा भी उठा कि कई पंचायतों में हाईस्कूल खोलने का फैसला तो हुआ, लेकिन कई जगह अब तक जमीन नहीं मिल सकी है. ऐसे स्कूल फिलहाल अस्थायी भवनों में चल रहे हैं. सरकार ने कहा कि जहां जमीन नहीं है, वहां छह महीने के भीतर व्यवस्था करने की कोशिश की जाएगी.
एक लाख शिक्षकों की होगी भर्ती
चर्चा के अंत में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगले पांच साल में एक लाख शिक्षकों की भर्ती करेगी. इसके लिए टीआरई-4 भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है और जल्द ही रिक्त पदों का प्रस्ताव बीपीएससी को भेजा जाएगा. सरकार का कहना है कि भर्ती पूरी होने के बाद स्कूलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी और पढ़ाई की व्यवस्था बेहतर होगी.
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