Bihar Panchayat Election: बिहार में होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां अब तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि यह चुनाव इस साल नवंबर और दिसंबर के बीच कराए जा सकते हैं. इस बार चुनाव में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान हो सकती है.
इस बार पंचायत चुनाव में पहली बार मल्टी पोस्ट ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा. स्टेट इलेक्शन कमीशन बिहार ने इसके लिए जिलों में तैयारी शुरू कर दी है. सभी जिलों में जिला निर्वाचन पदाधिकारी और अपर जिला निर्वाचन पदाधिकारी की नियुक्ति कर दी गई है. साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे नई व्यवस्था के अनुसार पूरी तैयारी करें.
मशीनों की खरीद और तैयारी
चुनाव के लिए बड़ी संख्या में मशीनें खरीदी गई हैं. ये मशीनें इलेक्ट्रॉनिक्स कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से मंगाई गई हैं, जो हैदराबाद में स्थित है. इनमें हजारों की संख्या में कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट शामिल हैं. खास बात यह है कि एक कंट्रोल यूनिट के साथ छह बैलेट यूनिट जोड़ी जा सकती हैं, जिससे एक साथ कई पदों के लिए मतदान संभव होगा.
मशीनों की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम
इन मशीनों को सुरक्षित रखने के लिए भी खास व्यवस्था की जा रही है. सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे गोदाम तय करें, जहां सिर्फ ईवीएम ही रखी जाएं. कोशिश की जा रही है कि इसके लिए सरकारी भवनों का ही इस्तेमाल किया जाए.
अगर जरूरत पड़ी, तो अनुमति लेकर किराये पर भी गोदाम लिया जा सकता है, जिसकी अवधि लंबे समय के लिए तय की जाएगी. इसके अलावा खराब मशीनों को अलग रखने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि सही और खराब मशीनों में कोई गड़बड़ी न हो.
एक साथ छह पदों के लिए मतदान
मल्टी पोस्ट ईवीएम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे एक ही समय में छह अलग-अलग पदों के लिए वोट डाला जा सकेगा. मतदाता अब ग्राम पंचायत सदस्य, मुखिया, पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के लिए एक साथ मतदान कर पाएंगे. इससे लोगों को अलग-अलग लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
समय और खर्च दोनों की होगी बचत
नई व्यवस्था से चुनाव प्रक्रिया तेज हो जाएगी. मतदान में कम समय लगेगा और पूरे चुनाव को जल्दी पूरा किया जा सकेगा. इसके साथ ही खर्च भी कम होगा और कामकाज ज्यादा व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा.
चुनाव प्रक्रिया होगी और आसान
नई मशीनों के इस्तेमाल से वोटिंग और गिनती दोनों आसान हो जाएंगी. इससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी और विवाद की संभावना कम होगी. इस बार बिहार पंचायत चुनाव में नई तकनीक का बड़ा योगदान रहने वाला है, जिससे पूरी प्रक्रिया पहले के मुकाबले ज्यादा सरल और बेहतर बन सकती है.
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