Bharat Taxi: 30% सस्ता किराया और नो सर्ज प्राइसिंग, आज लॉन्च होगी 'भारत टैक्सी', ओला-उबर की छुट्टी!

देश में राइड-हेलिंग सेवाओं के बाजार में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. भारत की पहली को-ऑपरेटिव टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी ऐप’ को आज औपचारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा.

Bharat Taxi to be launched 30% cheaper fare and no surge pricing
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

Bharat Taxi: देश में राइड-हेलिंग सेवाओं के बाजार में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. भारत की पहली को-ऑपरेटिव टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी ऐप’ को आज औपचारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा. इस नई पहल का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान करेंगे. शुरुआत में यह सेवा दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में शुरू की जा रही है और इसके बाद मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई सहित अन्य बड़े शहरों में चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया जाएगा.

सरकारी और सहकारी मॉडल पर आधारित यह प्लेटफॉर्म ओला, उबर और रैपिडो जैसी निजी कंपनियों को सीधी चुनौती देने की तैयारी में है. दावा किया जा रहा है कि भारत टैक्सी का किराया मौजूदा एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स की तुलना में करीब 30 प्रतिशत तक सस्ता हो सकता है. साथ ही, इसमें सर्ज प्राइसिंग जैसी व्यवस्था नहीं होगी, जिससे यात्रियों को पीक टाइम पर भी मनमाने दाम नहीं चुकाने पड़ेंगे.

ड्राइवर-ओनरशिप मॉडल: कंपनी नहीं, ड्राइवर होंगे मालिक

‘भारत टैक्सी’ की सबसे बड़ी खासियत इसका ड्राइवर-ओनरशिप मॉडल है. मौजूदा राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म्स पर ड्राइवरों को अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा कमीशन के रूप में कंपनी को देना पड़ता है. इसके उलट, भारत टैक्सी में ड्राइवरों से किसी भी तरह का कमीशन नहीं काटा जाएगा. यानी राइड से होने वाली पूरी कमाई सीधे ड्राइवर के खाते में जाएगी.

इस सहकारी मॉडल के तहत हर ड्राइवर को संस्था में हिस्सेदारी भी दी जाएगी. जानकारी के मुताबिक, ड्राइवरों को 5 शेयर्स के साथ सहकारी संस्था का सदस्य बनाया जाएगा, जिससे वे सिर्फ सेवा प्रदाता नहीं बल्कि प्लेटफॉर्म के भागीदार और मालिक भी होंगे. ड्राइवरों को केवल एक न्यूनतम मेंबरशिप फीस देनी होगी, जिसे वे अपनी सुविधा के अनुसार दैनिक, साप्ताहिक या मासिक आधार पर चुका सकेंगे. इससे कम आय वाले ड्राइवरों पर वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा.

30% तक सस्ता किराया और तय रेट, नहीं होगी सर्ज प्राइसिंग

भारत टैक्सी ऐप का एक और बड़ा दावा है कि इसका किराया बाजार दरों की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत तक कम हो सकता है. आमतौर पर निजी एग्रीगेटर कंपनियां बारिश, त्योहार, ट्रैफिक या अधिक डिमांड के समय किराया अचानक बढ़ा देती हैं, जिसे सर्ज प्राइसिंग कहा जाता है. इस वजह से यात्रियों को कई बार दोगुना या तिगुना किराया चुकाना पड़ता है.

भारत टैक्सी में सर्ज प्राइसिंग का कोई प्रावधान नहीं रखा गया है. यहां यात्रियों को पहले से तय और पारदर्शी किराया देना होगा, जिससे उन्हें हर बार यात्रा शुरू करने से पहले खर्च का सही अंदाजा मिल सकेगा. ऐप पर बाइक टैक्सी, ऑटो और कार जैसे कई विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि यात्री अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से यात्रा का साधन चुन सकें.

ड्राइवरों के लिए बीमा और सामाजिक सुरक्षा का कवच

भारत टैक्सी केवल एक ट्रांसपोर्ट ऐप नहीं, बल्कि ड्राइवरों के लिए सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी पहल के तौर पर भी पेश की जा रही है. इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने वाले हर ड्राइवर को 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और 5 लाख रुपये का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा देने की योजना है. इससे सड़क पर काम करने वाले ड्राइवरों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी.

इसके अलावा, यह प्लेटफॉर्म मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज एक्ट के तहत संचालित होगा. इसके चलते भविष्य में ड्राइवरों को आसान शर्तों पर लोन उपलब्ध कराने की भी योजना है. इस सुविधा से ड्राइवर अपनी खुद की गाड़ी खरीद सकेंगे और आत्मनिर्भर बनते हुए नए रोजगार के अवसर पैदा कर सकेंगे.

तेजी से बढ़ता नेटवर्क: लाखों ड्राइवर और यूजर्स जुड़े

6 जून 2025 को स्थापना के बाद से ही भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म से बड़ी संख्या में ड्राइवर जुड़ चुके हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार अब तक 3 लाख से ज्यादा ड्राइवर इस सहकारी मॉडल से जुड़ चुके हैं, जबकि 1 लाख से अधिक यूजर्स पहले ही ऐप पर रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. यह आंकड़े बताते हैं कि ड्राइवरों और यात्रियों दोनों के बीच इस मॉडल को लेकर खासा उत्साह है.

ये भी पढ़ें- 'भारत ट्रंप के दबाव में नहीं आएगा और जरूरत पड़ी तो...' अजीत डोभाल ने रूबियो को मीटिंग में सुनाया!