Indian Army Rudra Brigade: देश की सुरक्षा व्यवस्था अब पहले से कहीं अधिक आक्रामक और आधुनिक रूप ले रही है. पाकिस्तान की आतंकी हरकतों और चीन की ओर से बढ़ती रणनीतिक चुनौतियों के बीच भारतीय सेना ने आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया है.
सेना ने अपनी दो नई अत्याधुनिक युद्ध इकाइयों, रुद्र ब्रिगेड और भैरव बटालियन को औपचारिक रूप से मैदान में उतारा है. जैसलमेर बॉर्डर पर चल रहे ऑपरेशन त्रिशूल के तहत हुए प्रचंड प्रहार युद्धाभ्यास में इन दोनों नई फोर्सेज़ ने अपनी युद्ध क्षमता का जबरदस्त प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि भारत अब “रक्षा” नहीं, बल्कि “प्रत्याक्रमण” की नई नीति पर आगे बढ़ रहा है.
#WATCH | Jaisalmer, Rajasthan | General Officer Commanding-In-Chief, Southern Command Lieutenant General Dhiraj Seth says, "RUDRA, an integrated all arms brigade has been formed... The RUDRA brigade is fully equipped. It has been op-validated during the Operation Akhand Prahar.… https://t.co/Xh0AdKaqYp pic.twitter.com/zdabeuKL58
— ANI (@ANI) November 12, 2025
भैरव बटालियन- दुश्मन के इलाके में बिजली की रफ्तार से प्रहार
चार महीने पहले गठित की गई भैरव बटालियन अब पूरी तरह तैयार है. यह भारतीय सेना की एक विशेष लाइट कमांडो फोर्स है, जिसका मूल मंत्र है, “तेज़ी, गोपनीयता और सटीक वार”. जैसलमेर में हुए युद्धाभ्यास के दौरान इन कमांडो ने त्वरित एक्शन की ऐसी मिसाल पेश की कि वरिष्ठ अधिकारियों ने भी उनकी फुर्ती और कौशल की सराहना की.
भैरव कमांडो की खासियत यह है कि किसी भी आतंकी हमले या सीमा पार घुसपैठ के तुरंत बाद ये दुश्मन के इलाके में घुसकर जवाब देने की क्षमता रखते हैं. उनकी ट्रेनिंग इस तरह की गई है कि हर परिस्थिति में वे न्यूनतम समय में अधिकतम नुकसान दुश्मन को पहुंचा सकें.
रुद्र ब्रिगेड- ज़मीनी, हवाई और इलेक्ट्रॉनिक ताकत का संगम
रुद्र ब्रिगेड भारतीय सेना की पहली ऐसी संयुक्त स्ट्राइक ब्रिगेड है जिसमें इंफैंट्री, टैंक, अटैक हेलिकॉप्टर, और ड्रोन यूनिट्स को एक ही कमांड के अंतर्गत रखा गया है. यह सेना की “कोल्ड स्टार्ट से कोल्ड स्ट्राइक” रणनीति की दिशा में एक बड़ा कदम है.
प्रचंड प्रहार अभ्यास के दौरान टी-90 भीष्म टैंक, अपाचे हेलिकॉप्टर, और जगुआर विमान ने संयुक्त रूप से ऐसी समन्वित कार्रवाई दिखाई जिसने आधुनिक युद्ध की नई परिभाषा गढ़ दी. घायल सैनिकों को हेलिकॉप्टर से त्वरित रेस्क्यू करने की ड्रिल ने भी इस ब्रिगेड की बहुमुखी क्षमता को दर्शाया.
“एक हाथ में राइफल, दूसरे में ड्रोन”
सेना अधिकारियों के अनुसार, आधुनिक युद्ध अब केवल ताकत का नहीं बल्कि बुद्धिमता का भी खेल है. इसलिए भारतीय सेना अब “स्मार्ट वॉरफेयर” की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है, जहां हर सैनिक न केवल राइफल संभालता है बल्कि तकनीकी रूप से भी सुसज्जित है. रुद्र ब्रिगेड और भैरव बटालियन का उद्देश्य स्पष्ट है, दुश्मन की साजिशों का जवाब आधुनिकता, फुर्ती और सटीक प्रहार से देना.
यह भी पढे़ं- यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर आया बड़ा अपडेट; एग्जाम के टाइम टेबल में हुआ बदलाव, नोट कर लें नया शेड्यूल