BCCI Sponsorship Tender: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम इंडिया के लिए नए लीड स्पॉन्सर की तलाश शुरू कर दी है. इस सिलसिले में बोर्ड ने आधिकारिक रूप से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) यानी रुचि पत्र आमंत्रित किया है. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मौजूदा स्पॉन्सर ड्रीम-11 ने अनुबंध से हटने का निर्णय लिया है. इस टेंडर के जरिए भारतीय टीम की जर्सी पर दिखाई देने वाला अगला प्रमुख ब्रांड तय होगा.
ड्रीम-11 ने 2023 में भारतीय क्रिकेट टीम के लीड स्पॉन्सर के रूप में BCCI के साथ 358 करोड़ रुपये का तीन साल का करार किया था. यह एक रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म है, जो फैंटेसी स्पोर्ट्स के क्षेत्र में सक्रिय था. लेकिन हाल ही में भारत सरकार द्वारा रियल मनी गेमिंग को लेकर कानून में किए गए बदलावों और बढ़ती सख्ती के चलते ड्रीम-11 को स्पॉन्सरशिप छोड़नी पड़ी.
अब कौन लेगा टीम इंडिया की जर्सी पर जगह?
ड्रीम-11 से पहले BYJU’S टीम इंडिया का लीड स्पॉन्सर था. मार्च 2023 तक BYJU’S का नाम खिलाड़ियों की जर्सी पर नजर आता था. लेकिन उनका अनुबंध खत्म होने के बाद टीम इंडिया वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल 2023 में बिना किसी ब्रांडिंग वाली जर्सी पहनकर उतरी थी. अब एक बार फिर BCCI को एक ऐसे नए ब्रांड की तलाश है, जो टीम इंडिया के साथ जुड़कर न केवल वित्तीय सहयोग दे, बल्कि ब्रांड के तौर पर भारतीय क्रिकेट की प्रतिष्ठा से मेल भी खाए.
BCCI की शर्तें: इन कंपनियों को नहीं मिलेगा मौका
इस बार BCCI ने टेंडर जारी करते समय साफ कर दिया है कि कौन-कौन से उद्योग या कंपनियां इस बिडिंग प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकतीं. बोर्ड ने नैतिकता और कानूनी दायरे को ध्यान में रखते हुए कुछ उद्योगों को प्रतिबंधित श्रेणियों में रखा है.
प्रतिबंधित कैटेगरीज में शामिल हैं:
इसके अलावा, BCCI ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 के अनुसार अवैध माने जाने वाले किसी भी प्रकार की ऑनलाइन गतिविधि में शामिल कंपनियां इस टेंडर प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकेंगी.
टेंडर प्रक्रिया की प्रमुख तिथियां
BCCI ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया चैनलों और वेबसाइट पर इसकी जानकारी साझा की है. इच्छुक कंपनियां नियत समय के भीतर EOI डॉक्युमेंट खरीदकर आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर सकती हैं.
BCCI का उद्देश्य: भरोसेमंद ब्रांड के साथ साझेदारी
भारतीय क्रिकेट टीम केवल खेल नहीं, बल्कि एक ब्रांड है जिससे देश की भावना, युवा पीढ़ी की प्रेरणा और करोड़ों प्रशंसकों की उम्मीदें जुड़ी होती हैं. ऐसे में BCCI यह सुनिश्चित करना चाहता है कि टीम की जर्सी पर दिखने वाला ब्रांड विश्वसनीय, सामाजिक रूप से जिम्मेदार और कानूनी रूप से स्वीकृत हो.
देवजीत सैकिया की टिप्पणी
BCCI के सचिव देवजीत सैकिया ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में बताया कि बोर्ड उन ब्रांड्स के साथ जुड़ना चाहता है, जो भारतीय क्रिकेट की गरिमा को बढ़ाएं और युवा दर्शकों पर सकारात्मक प्रभाव डालें. उन्होंने यह भी कहा कि स्पॉन्सर चुनते समय बोर्ड न केवल वित्तीय पक्ष देखेगा, बल्कि सामाजिक प्रभाव को भी ध्यान में रखेगा.
क्या है लीड स्पॉन्सर की भूमिका?
एक लीड स्पॉन्सर वह होता है जिसका लोगो भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी के फ्रंट पर प्रमुख रूप से प्रदर्शित होता है. इसके अलावा, वह डिजिटल, टीवी और ऑन-ग्राउंड विज्ञापन में भी प्रमुख भूमिका निभाता है. इससे जुड़े सौदे आमतौर पर सैकड़ों करोड़ रुपये के होते हैं, और यह BCCI की सालाना आमदनी का एक बड़ा हिस्सा होते हैं.
कौन बन सकता है अगला स्पॉन्सर?
चूंकि रियल मनी गेमिंग, शराब, तंबाकू और सट्टेबाजी कंपनियों को बाहर कर दिया गया है, ऐसे में संभावित दावेदारों में निम्नलिखित इंडस्ट्रीज के ब्रांड्स प्रमुख हो सकते हैं:
हालांकि, अंतिम निर्णय BCCI द्वारा टेंडर की प्रक्रिया और बोली की योग्यता के आधार पर लिया जाएगा.
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