नई दिल्ली: भारत की सर्वोच्च अदालत में एक अभूतपूर्व घटना के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने सख्त कार्रवाई करते हुए वकील राकेश किशोर को तत्काल प्रभाव से वकालत करने से निलंबित कर दिया है. यह फैसला 6 अक्टूबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के दौरान वकील के अनुशासनहीन और अपमानजनक व्यवहार को देखते हुए लिया गया.
BCI अध्यक्ष का आदेश
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि निलंबन की अवधि में राकेश किशोर देश के किसी भी न्यायालय या ट्रिब्यूनल में पेश नहीं हो सकेंगे. इसके साथ ही उनके नाम पर जारी सभी पहचान पत्र और कोर्ट में प्रवेश पास भी तत्काल प्रभाव से रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं.
कोर्ट में जूता फेंकने की कोशिश
6 अक्टूबर को सुबह लगभग 11:35 बजे सुप्रीम कोर्ट की कोर्ट नंबर 1 में एक चौंकाने वाली घटना घटी, जब वकील राकेश किशोर ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बीआर गवई की ओर जूता फेंकने का प्रयास किया. सुरक्षा अधिकारियों की सतर्कता के कारण वह इसे अंजाम नहीं दे सके और मौके पर ही हिरासत में ले लिए गए. यह घटना न्यायपालिका की गरिमा पर एक सीधा हमला मानी जा रही है.
बार काउंसिल ने बताया यह अंतरिम आदेश
BCI ने स्पष्ट किया है कि यह कदम एडवोकेट्स एक्ट, 1961 और बार काउंसिल ऑफ इंडिया रूल्स के तहत उठाया जा रहा है. यह नियम वकीलों के आचरण, गरिमा और न्यायालय के प्रति सम्मान से जुड़े हैं. बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने कहा है कि यह आदेश अंतरिम है. वकील को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है. आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी.
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