Bangladesh Pakistan Relation: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के हालिया चीन दौरे को लेकर एक बयान काफी चर्चा में है. चीन से मिलने वाली आर्थिक मदद पर लगातार सवाल पूछे जाने के बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने नाराजगी जताई. उन्होंने साफ कहा कि प्रधानमंत्री चीन किसी तरह की मदद मांगने या "भीख का कटोरा लेकर" नहीं गए थे, बल्कि दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने और भविष्य की योजनाओं पर बातचीत करने गए थे.
क्या है पूरा मामला?
प्रधानमंत्री तारिक रहमान हाल ही में चीन के दौरे पर गए थे. इस दौरान मीडिया में यह सवाल उठने लगे कि क्या बांग्लादेश चीन से आर्थिक सहायता या निवेश की मांग कर रहा है.
जब ढाका में विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उनका कहना था कि किसी भी देश का प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति विदेश यात्रा पर सिर्फ आर्थिक मदद मांगने नहीं जाता.
‘Please maintain a little self-respect… please do not ask such questions; we feel very embarrassed. He didn’t go there carrying a begging bowl. He went there 2 establish the direction of the relationship between 2 countries, its content, and its height, scope, and depth.’ pic.twitter.com/XZwWhbsSkQ
— Raheed Ejaz (@RaheedEjaz) June 28, 2026
विदेश मंत्री ने क्या कहा?
मीडिया से बातचीत के दौरान विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का चीन दौरा दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देने के लिए था. उन्होंने कहा कि इस तरह के दौरे में व्यापार, निवेश, सुरक्षा, तकनीक और आपसी सहयोग जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होती है.
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री दोनों देशों के बीच संबंधों की दिशा, दायरा और गहराई तय करने के लिए चीन गए थे. सरकार का कोई भी प्रमुख दूसरे देश के नेता के पास कागज-पेन या भीख का कटोरा लेकर नहीं जाता."
आर्थिक मदद वाले सवाल पर जताई नाराजगी
विदेश मंत्री से जब चीन से मिलने वाली नकद सहायता और प्रोजेक्ट फंडिंग को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इसे गलत तरीका बताया. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि बार-बार सिर्फ आर्थिक मदद पर सवाल पूछना ठीक नहीं है. उनके मुताबिक, इससे ऐसा संदेश जाता है कि कोई देश केवल पैसे मांगने के लिए विदेश जाता है, जबकि हकीकत इससे अलग होती है. उन्होंने कहा, "कृपया ऐसे सवाल न पूछें. इससे हमें शर्मिंदगी होती है. देश के आत्मसम्मान का भी ध्यान रखें."
चीन और बांग्लादेश के रिश्ते क्यों हैं अहम?
चीन, बांग्लादेश का बड़ा व्यापारिक साझेदार है. दोनों देशों के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, सड़क, रेलवे और कई विकास परियोजनाओं पर पहले से काम चल रहा है. ऐसे में प्रधानमंत्री की इस यात्रा को दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि इस दौरे में भविष्य के कई प्रोजेक्ट्स और निवेश को लेकर भी चर्चा हुई.
विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में दिया बयान
विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने यह बयान विदेश मंत्रालय में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दिया. यह ब्रीफिंग प्रधानमंत्री तारिक रहमान की हालिया मलेशिया और चीन यात्रा को लेकर आयोजित की गई थी.
इस दौरान उन्होंने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय दौरे का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक सहायता लेना नहीं होता. ऐसे दौरे देशों के बीच भरोसा बढ़ाने, नए समझौते करने और लंबे समय तक सहयोग को मजबूत करने के लिए किए जाते हैं.
क्यों चर्चा में आया 'भीख का कटोरा' वाला बयान?
विदेश मंत्री का "भीख का कटोरा लेकर नहीं गए" वाला बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तेजी से वायरल हो गया. आमतौर पर यह टिप्पणी पाकिस्तान के संदर्भ में सुनने को मिलती रही है, लेकिन इस बार बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने अपने देश की छवि और आत्मसम्मान का हवाला देते हुए इस तरह की टिप्पणी की, जिससे यह बयान सुर्खियों में आ गया.
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