कनाडा में लगा बैन, 9 दिनों में 6 जगहों पर बरसाईं गोलियां; प्रतिबंध के बाद क्यों एक्टिव हुआ लॉरेंस बिश्नोई गैंग?

Bishnoi Gang Canada: कनाडा सरकार द्वारा 29 सितंबर को खतरनाक आपराधिक संगठन घोषित किए जाने के बाद, बिश्नोई गैंग की गतिविधियाँ थमने के बजाय और अधिक आक्रामक हो गई हैं. केवल 10 दिनों के भीतर, गैंग के गुर्गों ने कनाडा में कम से कम 6 अलग-अलग स्थानों पर गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम दिया है.

Ban in Canada bullets fired at 6 places Lawrence Bishnoi gang become active after the ban
Image Source: Social Media/X

Bishnoi Gang Canada: कनाडा सरकार द्वारा 29 सितंबर को खतरनाक आपराधिक संगठन घोषित किए जाने के बाद, बिश्नोई गैंग की गतिविधियाँ थमने के बजाय और अधिक आक्रामक हो गई हैं. केवल 10 दिनों के भीतर, गैंग के गुर्गों ने कनाडा में कम से कम 6 अलग-अलग स्थानों पर गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम दिया है. चौंकाने वाली बात यह है कि इन घटनाओं की जिम्मेदारी खुद गैंग के सदस्य सोशल मीडिया पर ले रहे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और भी बढ़ गई है.

बिश्नोई गैंग की शुरुआत 1980 के दशक में पंजाब से मानी जाती है, और इसके सरगना लॉरेंस बिश्नोई हैं. लॉरेंस इस समय गुजरात की साबरमती जेल में बंद हैं, लेकिन इसके बावजूद गैंग की गतिविधियाँ किसी तरह से धीमी नहीं हुई हैं. यह गैंग मुख्य रूप से जबरन वसूली, हत्या और गैंगवार जैसे अपराधों में संलिप्त है.

भारत से कनाडा तक फैला नेटवर्क

बिश्नोई गैंग की पहुंच भारत तक ही सीमित नहीं है. इसके करीब 700 सदस्य भारत और कनाडा में फैले हुए हैं. इसके अलावा, गैंग की गतिविधियाँ ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों तक भी देखी गई हैं.

कनाडा में इस गैंग के गोल्डी बरार, अभिजीत किंगरा, और गोल्डी ढिल्लोन जैसे गुर्गे बेहद सक्रिय हैं. ये लोग लगातार हिंसक गतिविधियों में लिप्त हैं और अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इनका प्रचार भी कर रहे हैं.

कनाडा सरकार ने क्यों लगाया बैन?

कनाडा सरकार ने 29 सितंबर को बिश्नोई गैंग को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए उस पर बैन लगा दिया. सरकार के अनुसार, यह गैंग कनाडा में चरमपंथ को बढ़ावा दे रहा है और टारगेट किलिंग में शामिल है. खास तौर पर, यह आरोप लगाया गया कि गैंग सिख चरमपंथियों को निशाना बना रहा है, जिससे देश में धार्मिक तनाव बढ़ सकता है.

बैन के बाद बढ़ी गोलीबारी की घटनाएँ

बैन लगने के कुछ ही दिन बाद गैंग के सदस्यों ने कनाडा के विभिन्न हिस्सों में हिंसक वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया.

गोल्डी ढिल्लोन ने कबूली गोलीबारी की जिम्मेदारी

3 अक्टूबर को गोल्डी ढिल्लोन नामक गैंगस्टर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी किया, जिसमें उसने सर्रे इलाके में हुई तीन गोलीबारी घटनाओं की जिम्मेदारी ली. गोल्डी के अनुसार, उनमें से एक हमला एक रेस्तरां मालिक पर इसलिए किया गया क्योंकि वह भारतीय मजदूरों को समय पर वेतन नहीं दे रहा था. गोल्डी ने यह भी चेतावनी दी कि अगर इस तरह की शिकायतें मिलती रहीं, तो गैंग आगे भी इसी तरह की कार्यवाही करता रहेगा.

फतेह पुर्तगाल का वीडियो बयान

इसी सप्ताह के अंत में, गैंग के एक और सदस्य फतेह पुर्तगाल ने भी एक गोलीबारी की वीडियो पोस्ट की और इसकी जिम्मेदारी ली. इस पोस्ट में उसने खुद को लॉरेंस गैंग का हिस्सा बताया और चेतावनी दी कि विरोध करने वालों को इसी तरह सबक सिखाया जाएगा.

एक ही रात दो हमले

उसी रात, गैंग के गुर्गों ने कनाडा में दो अन्य स्थानों पर भी गोलीबारी की, जिससे साफ है कि बिश्नोई गैंग अब कनाडा में और अधिक सक्रिय, संगठित और हिंसक हो चुका है.

लॉरेंस बिश्नोई, गैंग का मास्टरमाइंड

लॉरेंस बिश्नोई, पंजाब के फाजिल्का जिले से ताल्लुक रखते हैं और 2018 में उन्होंने पहली बार तब सुर्खियाँ बटोरीं जब उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को जान से मारने की धमकी दी.

इसके बाद, गैंग लगातार चर्चा में रहा है. लॉरेंस के जेल में बंद होने के बावजूद, गैंग के कई बड़े फैसले उसी के इशारे पर लिए जाते हैं. इंटरपोल द्वारा कई गुर्गों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किए गए हैं.

गैंग के सोशल मीडिया का इस्तेमाल, डर फैलाने का नया तरीका

बिश्नोई गैंग के गुर्गे न केवल हमलों को अंजाम दे रहे हैं, बल्कि सोशल मीडिया पर खुलेआम इसकी जिम्मेदारी भी ले रहे हैं. इससे यह स्पष्ट है कि वे डर और दहशत को एक रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. यह तरीका केवल कनाडा की ही नहीं, भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी बड़ी चुनौती बन चुका है, क्योंकि यह दर्शाता है कि गैंग का नेटवर्क डिजिटल रूप से कितना मजबूत है.

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