Axiom-4: भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से पृथ्वी पर वापसी कुछ दिन और टल गई है. पहले जहां यह वापसी 10 जुलाई को संभावित मानी जा रही थी, अब यह कम से कम 14 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी गई है. यह जानकारी यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) ने अपने आधिकारिक चैनलों के माध्यम से दी है. इस बदलाव का मुख्य कारण मिशन से जुड़े तकनीकी पहलू और पृथ्वी पर मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां हैं, जिनसे ‘स्प्लैशडाउन’ यानी समुद्र में उतरने की प्रक्रिया प्रभावित हुई है.
Axiom-4 मिशन: भारत सहित चार देशों की अंतरिक्ष साझेदारी
यह पूरा अभियान Axiom Space द्वारा संचालित किया गया है, जो 26 जून को लॉन्च हुआ था. इस मिशन में अमेरिका, भारत, पोलैंड और हंगरी के अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं और इसका उद्देश्य माइक्रोग्रैविटी में चिकित्सा, सामग्री विज्ञान और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रयोग करना है.
मिशन के चारों प्रमुख अंतरिक्ष यात्री
वापसी में देरी का कारण क्या है?
ESA ने बताया कि Dragon कैप्सूल की लैंडिंग समुद्र में ‘स्प्लैशडाउन’ के जरिए की जानी है, लेकिन संभावित इलाकों में मौसम की स्थिति इस समय अनुकूल नहीं है. खराब मौसम के चलते वापसी का शेड्यूल फिलहाल आगे बढ़ा दिया गया है. साथ ही, अंतरिक्ष स्टेशन के कुछ तकनीकी सिस्टम्स की निगरानी भी जारी है, जिससे मिशन की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है.
धरती पर वापसी के बाद क्या होगा?
क्रू मेंबरों की धरती पर वापसी के बाद उन्हें स्पेस रिकवरी प्रोटोकॉल के तहत शारीरिक रूप से दोबारा पृथ्वी के वातावरण में ढालने की प्रक्रिया से गुजरना होगा. विशेष रूप से पोलैंड के स्लावोस उज़नस्की को जर्मनी स्थित यूरोपियन एस्ट्रोनॉट सेंटर (EAC) में भेजा जाएगा, जहां उन्हें DLR की envihab लैब में पुनर्वास प्रक्रियाओं से गुज़रना होगा. यह प्रोटोकॉल मांसपेशियों की ताकत, संतुलन और सामान्य शारीरिक गति को दोबारा बहाल करने के लिए होता है.
भारत में उम्मीदों की नजर ISRO पर
जहां ESA और Axiom Space लगातार मिशन अपडेट दे रहे हैं, वहीं ISRO की ओर से फिलहाल कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है. शुभांशु शुक्ला की वापसी को लेकर भारत में खासा उत्साह है, क्योंकि यह एक ऐतिहासिक क्षण है जिसमें भारत का निजी और सरकारी अंतरिक्ष क्षेत्र एक साथ जुड़कर वैश्विक मंच पर भूमिका निभा रहे हैं.
अगला कदम: सबकी नजर मौसम और अगली तारीख पर
Axiom Space, NASA और ESA तीनों एजेंसियां अब 14 जुलाई के आसपास वापसी की संभावनाएं तलाश रही हैं. हालांकि यह तारीख पक्की नहीं है और सबकुछ मौसम की स्थिति और तकनीकी तैयारियों पर निर्भर करेगा.
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