ढाका: बांग्लादेश की राजनीति में हलचल उस वक्त और बढ़ गई जब देश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने स्पष्ट किया कि अवामी लीग पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, बल्कि फिलहाल उसकी गतिविधियों को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ महीनों पहले बांग्लादेश चुनाव आयोग ने अवामी लीग का पंजीकरण रद्द कर दिया था, और सरकार ने आतंकवाद विरोधी कानून के तहत पार्टी की सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी थी.
मोहम्मद यूनुस का यह ताजा बयान सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बना हुआ है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह बयान अंतरिम सरकार की नीति में बदलाव का संकेत है या फिर कोई रणनीतिक चाल?
मोहम्मद यूनुस ने क्या कहा?
संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में एक पत्रकारिता संगठन ‘ज़ेटियो’ को दिए गए इंटरव्यू में यूनुस ने कहा कि अवामी लीग अब भी एक वैध राजनीतिक पार्टी है, लेकिन उसकी गतिविधियों पर फिलहाल रोक लगी हुई है. जब उनसे यह पूछा गया कि क्या यह निलंबन भविष्य में हटाया जा सकता है, तो उन्होंने कहा, “यह एक संभावना है.”
इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या किसी राजनीतिक दल को चुनाव से बाहर रखना लोकतंत्र के खिलाफ नहीं है, तो उन्होंने जवाब दिया कि यह निर्णय चुनाव आयोग का क्षेत्राधिकार है. द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, यूनुस ने कहा कि यह मामला चुनाव आयोग के पास है, जिसने पार्टी की संभावित गतिविधियों और उसके प्रभाव पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया.
क्या अवामी लीग का जनाधार कमजोर हुआ?
इंटरव्यू के दौरान जब ज़ेटियो के पत्रकार मेहदी हसन ने यह कहा कि अवामी लीग के बांग्लादेश में लाखों समर्थक हैं, तो यूनुस ने इस आंकड़े पर सवाल उठाते हुए कहा, “मैं यह नहीं कहूंगा कि उनके समर्थक लाखों में हैं. हां, कुछ समर्थक हैं, लेकिन मुझे नहीं मालूम कि कितने बचे हैं.”
उनके इस बयान को राजनीतिक विश्लेषकों ने राजनीति से प्रेरित बताया है, क्योंकि देश में अब अगला आम चुनाव नजदीक आ रहा है और खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) फिलहाल चुनावी दौड़ में सबसे आगे बताई जा रही है.
अब भी मजबूत है अवामी लीग
हालांकि अवामी लीग की राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगी हुई है, लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी अब भी मजबूत संगठनात्मक ढांचे के साथ जमीनी स्तर पर सक्रिय है. शेख हसीना की इस पार्टी का देश के कई क्षेत्रों में गहरा जनाधार है.
बताया जा रहा है कि अनेक समर्थक डर के कारण अंडरग्राउंड हो चुके हैं और खुलकर शेख हसीना के समर्थन में सामने नहीं आ रहे. जानकारों का मानना है कि इस तरह की स्थिति राजनीतिक अस्थिरता को जन्म दे सकती है और बांग्लादेश किसी भी समय संवेदनशील मोड़ पर पहुंच सकता है.
चुनाव को लेकर क्या स्थिति है?
मोहम्मद यूनुस के इस बयान ने एक बार फिर चुनाव की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं. उन्होंने इससे पहले यह कहा था कि बांग्लादेश में अगला आम चुनाव 2026 के अप्रैल के पहले पखवाड़े में आयोजित किए जाएंगे.
गौरतलब है कि मई 2025 में सरकार ने आतंकवाद विरोधी कानून का हवाला देते हुए अवामी लीग की सभी गतिविधियों को रोक दिया था, जिसमें ऑनलाइन प्रचार और संगठनात्मक बैठकें भी शामिल थीं. इसके ठीक दो दिन बाद चुनाव आयोग ने पार्टी का आधिकारिक पंजीकरण रद्द कर दिया था.
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