Anthony Albanese Mosque: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ को ईद के मौके पर विरोध का सामना करना पड़ा. ईद-उल-फितर के दिन सिडनी की Lakemba Mosque में माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया, जब कुछ लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी.
शुक्रवार को ईद की नमाज के लिए बड़ी संख्या में लोग मस्जिद में जुटे थे. इसी दौरान प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ और गृह मामलों के मंत्री टोनी बर्क भी वहां पहुंचे. बताया जा रहा है कि उनके आने के करीब 15 मिनट बाद ही भीड़ का एक हिस्सा नाराज हो गया. कुछ लोगों ने जोर-जोर से नारे लगाने शुरू कर दिए और उन्हें वहां से जाने को कहा.
Holy shit, Islamist extremists tried to lynch the Australian Prime Minister this morning at Lakemba Mosque. pic.twitter.com/ubmhsyFYlj
— Drew Pavlou 🇦🇺🇺🇸🇺🇦🇹🇼 (@DrewPavlou) March 20, 2026
गाजा मुद्दे पर दिखा गुस्सा
प्रदर्शन करने वाले लोग सरकार की नीतियों से नाराज थे, खासकर गाजा में चल रहे हालात और इजरायल को लेकर सरकार के रुख पर. भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री के खिलाफ तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया. एक वीडियो में एक व्यक्ति ने बेहद अपमानजनक टिप्पणी भी कर दी, जिससे माहौल और ज्यादा बिगड़ गया.
आयोजकों को करना पड़ा हस्तक्षेप
स्थिति बिगड़ती देख मस्जिद के आयोजकों को बीच में आना पड़ा. उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि यह खुशी का दिन है, इसे शांति से मनाना चाहिए.
इसके बावजूद कुछ देर तक हंगामा चलता रहा. एक सुरक्षाकर्मी को एक प्रदर्शनकारी को पकड़कर बाहर ले जाना पड़ा. जब प्रधानमंत्री और मंत्री मस्जिद से बाहर निकले, तब भी कुछ लोग उनके पीछे-पीछे चलते रहे और नारे लगाते रहे.
Anthony Albanese and Tony Burke were heckled as they attempted to sure up the muslim vote at Lakemba mosque. The house of cards is falling. pic.twitter.com/x6F18eDda5
— Francynancy (@FranMooMoo) March 19, 2026
प्रधानमंत्री ने बताया सामान्य स्थिति
घटना के बाद एंथनी अल्बानीज़ ने माहौल को सामान्य बताने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि वहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन विरोध करने वाले बहुत कम थे. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों की नाराजगी सरकार के उस फैसले से जुड़ी हो सकती है, जिसमें हिज्ब उत-तहरीर पर प्रतिबंध लगाया गया है. यह संगठन कई देशों में पहले से ही विवादों में रहा है.
पहले भी हो चुका है विरोध
यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का विरोध देखने को मिला हो. इससे पहले भी फरवरी में सिडनी में प्रदर्शन हुए थे. जब इसहाक हर्ज़ोग ऑस्ट्रेलिया आए थे, तब भी बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए थे. उस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई थी और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था.
यहूदी समुदाय की नाराजगी
ऑस्ट्रेलिया के यहूदी समुदाय के कुछ लोगों ने भी सरकार पर नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि सरकार ने उनकी सुरक्षा को लेकर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया. उनका मानना है कि पहले से मिल रहे संकेतों और हमलों को नजरअंदाज किया गया, जिससे हालात बिगड़े.
बढ़ते तनाव के बीच चिंता
7 अक्टूबर 2023 हमला के बाद से पूरी दुनिया में तनाव बढ़ा है. इस घटना के बाद गाजा में संघर्ष शुरू हुआ और कई देशों में इसका असर देखने को मिला. ऑस्ट्रेलिया में भी अलग-अलग समुदायों के बीच तनाव बढ़ा है, जिससे सरकार के सामने चुनौती और बड़ी हो गई है.
फिलहाल यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों का असर अब अलग-अलग देशों के अंदर भी साफ नजर आने लगा है, और सरकारों के लिए संतुलन बनाए रखना आसान नहीं रह गया है.
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